
CJP Saurav Das: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने सरकार और सत्ता में बैठे लोगों पर Gen-Z और युवाओं को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को डरने के बजाय अपनी आवाज उठानी चाहिए। साथ ही CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र में अपने गांव से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। सौरव दास ने स्वतंत्रता दिवस के संदेश में कहा कि देश में युवाओं के बीच जागरूकता और शांतिपूर्ण विरोध का दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि जिस पीढ़ी को चुप रहने के लिए कहा जाता था, उसे अब अपनी आवाज उठाने का मंच मिल गया है।
सौरव दास सोशल मीडिया साइट 'X' पर पोस्ट करके आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग Gen-Z और युवाओं को आपस में बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच 'आपकी Gen-Z बनाम हमारी Gen-Z' जैसी सोच पैदा की जा रही है।उन्होंने अपने संदेश में कहा कि अगर युवा एकजुट रहते हैं तो उन्हें बांटना मुश्किल होगा। दास ने कहा कि सत्ता की ओर से डर फैलाने की कोशिशों के मुकाबले युवाओं को एक-दूसरे का साहस और उम्मीद बनना चाहिए।
दास ने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग जिलों में 'जंतर-मंतर' जैसी जगहें बनाने की जरूरत है, जहां लोग अपनी समस्याओं को सामने रख सकें और अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा सकें।
CJP नेता ने अपने पोस्ट में कहा कि लंबे समय बाद लोगों के अंदर का डर खत्म होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में 'असली आजादी' से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शांतिपूर्ण विरोध की शुरुआत हो चुकी है। दास ने यह भी दावा किया कि पुरानी व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि युवाओं के लिए अब पीछे मुड़कर देखने का समय नहीं है।
वहीं दूसरी ओर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र में अपने गांव से 'स्कूल ठीक करो' अभियान शुरू किया है। अभियान के जरिए सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल और बच्चों को मिलने वाले अवसरों पर ध्यान देने की मांग की जा रही है। दीपके का कहना है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में बराबर अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकारी स्कूलों की व्यवस्था बेहतर होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है। अभियान में इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि किसी बच्चे की आर्थिक स्थिति उसकी शिक्षा के अवसरों में बाधा नहीं बननी चाहिए।
दीपके ने कहा कि CJP अब सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जांच के लिए भी अभियान शुरू करेगा। इसके तहत अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की स्थिति का जायजा लेने की बात कही गई है।उनका आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज में देरी होने से मरीजों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित अभियान में अस्पतालों की सुविधाओं और मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा।