
Suvendu Adhikari Cabinet: पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेन्दु अधिकारी लगातार एक्शन मोड में हैं। अब उन्होंने ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर सबसे बड़ा वार किया है। सीएम ने ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान संस्थागत भ्रष्टाचार और महिलाओं पर हुए अत्याचार की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों की अध्यक्षता में दो कमेटियां बनाने को मंजूरी दे दी है। बंगाल सरकार की कैबिनेट में इसे मंजूर किया है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि दोनों समितियां 1 जून से आधिकारिक तौर पर काम शुरू कर देंगी।
मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बताया कि वित्तीय अनियमितताओं और कथित 'कट मनी' नेटवर्क की जांच के लिए बनाई गई समिति की अगुवाई रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु करेंगे। इस पैनल में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जयरामन को सदस्य सचिव बनाया गया है।वहीं महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ कथित अत्याचार की घटनाओं की जांच के लिए दूसरी समिति बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जज समप्ति चटर्जी करेंगी। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन को इस समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है।
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने लगातार भ्रष्टाचार, 'कट मनी' और महिलाओं की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया था। पार्टी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप केस और संदेशखाली हिंसा जैसे मामलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला था। चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी नेताओं का आरोप था कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर हुई और आम लोगों को न्याय नहीं मिला। अब सरकार बनने के बाद बीजेपी ने इन्हीं मुद्दों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार को कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर लोग प्रदर्शन करने के लिए इक्कट्ठा हुए थे। यह प्रदर्शन तिलजला इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ किया जा रहा था। इस प्रदर्शन में एक समय के बाद हालात बिगड़ गए थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और ईंटें फेंकनी शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिस गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में 10 पुलिसकर्मी और CAPF के 3 जवान घायल हुए हैं। इस मामले में भी शुभेन्दु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।