
Congress protests against the condemnation of Rahul Gandhi: कांग्रेस और माकपा के बयानों को लेकर सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करने वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) पर रविवार को तीखा हमला बोला और वामपंथी पार्टी पर 'राजनीतिक हीन भावना' का प्रदर्शन करने और अपने चुनावी पतन पर आत्मनिरीक्षण करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने फेसबुक पर एक कड़े बयान में कहा कि सीपीआई (एम) की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणियां 'बिल्कुल हास्यास्पद' हैं, खासकर यह देखते हुए कि केरल के बाहर, पार्टी ने अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अक्सर कांग्रेस और उसके सहयोगियों के समर्थन पर भरोसा किया है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को राहुल गांधी की छवि से चुनावी लाभ मिला था, वे अब उन्हें "ईडी एजेंट" कह कर उन्हें कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सिर्फ इसलिए कि सीपीएम का चेहरा बिगड़ा हुआ है, राहुल गांधी का अपमान करने का कोई मतलब नहीं है। सीपीएम की राहुल गांधी विरोधी टिप्पणियां वैसी ही भूल हैं जैसे अपना चेहरा खराब दिखने पर आईना तोड़ देना।
उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र का यह मूलभूत सिद्धांत है कि देश में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का नेता विपक्ष के नेता की भूमिका निभाता है। इस तथ्य को स्वीकार करने से इनकार करते हुए, सीपीएम नेतृत्व राहुल गांधी के नेतृत्व कौशल पर सवाल उठा रहा है। जबकि वह अपनी पहचान खो रहा है।'
वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी भाजपा के खिलाफ एक दृढ़ लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं, जो अपने राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करती है। व्यक्तिगत रूप से, राहुल गांधी खुद इसका शिकार हैं। इसी संकीर्ण मानसिकता के कारण कम्युनिस्ट पार्टी बंगाल जैसे स्थानों में इस स्थिति में आ गई है। राहुल गांधी पर निराधार आरोप लगाने के बजाय, सीपीएम नेताओं को अपनी पार्टी के इस पतन पर आत्मनिरीक्षण करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि सीपीआई (एम) की आलोचना उसके चुनावी झटकों, खासकर केरल से उपजी है। वेणुगोपाल ने इंडिया ब्लॉक के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन का गठन कांग्रेस की पहल पर लोकतंत्र और संविधान को भाजपा की "तानाशाही प्रवृत्तियों" से बचाने के लिए किया गया था।
उन्होंने कहा,'राजनीति की समझ रखने वाला कोई भी व्यक्ति देख सकता है कि केरल में मिली करारी हार ही सीपीएम को यह सब कहने पर मजबूर कर रही है। अपनी हार के कारणों का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के बजाय, अगर वे राहुल गांधी को बलि का बकरा बनाते हैं, तो सीपीएम को और भी बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा।
वेणुगोपाल ने कहा कि इंडिया ब्लॉक कांग्रेस की पहल पर गठित एक व्यापक मंच है, जिसका उद्देश्य भाजपा की तानाशाही से देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना है। इस गठबंधन का गठन भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लक्ष्य से किया गया था।'
उन्होंने सीपीआई (एम) के पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी की भूमिका याद करते हुए कहा कि येचुरी गठबंधन के पीछे के व्यापक उद्देश्य समझते थे और उन्होंने सीपीआई (एम) पर अपने अतीत के राजनीतिक रुख को जानबूझ कर नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी भाजपा की ओर से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को चुनौती देने में अग्रणी रहे हैं।
यह घटना सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी की ओर से राहुल गांधी को 'ईडी और मोदी सरकार का मददगार” करार देने और उन पर केंद्र से केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन की गिरफ्तारी की मांग करने का आरोप लगाने के बाद सामने आई है। बेबी ने कहा, 'कोई भी राहुल गांधी से पिनारयी विजयन को गले लगाने के लिए भी नहीं कह रहा है। इसके विपरीत, हम उनसे केवल यही कह रहे हैं कि वे पिनारयी विजयन और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की मांग करके ईडी और मोदी सरकार के मददगार बनना बंद करें। यह विपक्ष के नेता का काम नहीं है।' ( इनपुट : ANI)