एग्जिट पोल्स पर कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने कहा कि इनमें से ज्यादातर एग्जिट पोल्स – हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश – सभी गलत साबित हुए हैं। लेकिन मैं यह कह सकती हूं कि केरल के एग्जिट पोल्स 200 प्रतिशत सही हैं, क्योंकि मैं वहाँ ज़मीन पर मौजूद थी।
Shama Mohamed Exit Poll Statement: विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल जारी होने के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शमा मोहम्मद ने विभिन्न राज्यों के एग्जिट पोल पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दलों के पक्ष में दावा किया है। मीडिया से बात करते हुए शमा मोहम्मद ने कहा कि हरियाणा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पिछले चुनावों के दौरान एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों के मौजूदा एग्जिट पोल भी विश्वसनीय नहीं हैं।
कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से केरल का जिक्र करते हुए दावा किया कि केरल के एग्जिट पोल 200 प्रतिशत सही हैं क्योंकि मैं खुद वहां मैदान में थी। UDF (United Democratic Front) वहां हाथों-हाथ जीत रही है। शमा मोहम्मद ने कहा कि उन्होंने खुद केरल में स्थिति का जायजा लिया है और कांग्रेस-यूडीएफ गठबंधन की मजबूत स्थिति है।
तमिलनाडु के बारे में बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि DMK-Congress गठबंधन एक बार फिर सत्ता में वापसी कर रहा है। उन्होंने तमिलनाडु में भी विपक्षी दलों के पक्ष में मजबूत रुझान बताए। सबसे विवादास्पद बयान पश्चिम बंगाल को लेकर दिया गया। शमा मोहम्मद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लाखों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया, जिससे वे वोट नहीं डाल सके। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया और कहा, 'यह लोकतंत्र नहीं है।'
शमा मोहम्मद ने आगे कहा कि चुनाव वाले राज्य में इतने बड़े पैमाने पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नहीं किया जा सकता। शमा मोहम्मद ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, NIA एक आतंकवाद विरोधी एजेंसी है। क्या भारतीय सरकार बंगालियों को आतंकवादी बता रही है? यह अत्यधिक दमनकारी व्यवहार है।
कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार का पुतला बनकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार और चुनाव आयोग दोनों मिलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
शमा मोहम्मद के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। विपक्षी दलों की ओर से एग्जिट पोल को लेकर सवाल उठाना आम बात है, लेकिन केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इतने गंभीर आरोप लगाना सुर्खियों में है।