
INDIA Alliance: बिहार कांग्रेस नेता ने बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों को लेकर विपक्ष के लिए बड़ा संदेश बताते हुए पार्टी और INDIA गठबंधन को आत्ममंथन की सलाह दी है। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने कहा कि लोग बीजेपी और एनडीए सरकार से नाराज हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे INDIA गठबंधन को भी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। मिश्रा ने कांग्रेस से विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने और बीजेपी-एनडीए के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ने की दिशा में गंभीर प्रयास करने की अपील की।
ऋषि मिश्रा ने कहा कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों से कांग्रेस और INDIA गठबंधन को कई सवालों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी और एनडीए सरकार से नाराजगी के बावजूद मतदाता विपक्षी गठबंधन को विकल्प के तौर पर स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि हम आखिर कब बैठकर आत्ममंथन करेंगे? हम कब इस बात पर विचार और निष्पक्ष विश्लेषण करेंगे कि हम लगातार चुनाव क्यों हार रहे हैं? अब समय आ गया है। अब बैठक करने का समय आ गया है।
मिश्रा ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ संवाद की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि 243 सीटों पर 253 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे और अब पार्टी को उनके साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है कि कांग्रेस पार्टी INDIA गठबंधन का नेतृत्व करे। उन्होंने बीजेपी और एनडीए के खिलाफ विपक्ष की रणनीति को और मजबूत करने की जरूरत बताई। मिश्रा के मुताबिक, कांग्रेस को इस बात पर गंभीरता से विचार करना चाहिए कि विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए और बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव कैसे लड़ा जाए। उन्होंने कहा कि NDA और बीजेपी के खिलाफ एक ही उम्मीदवार उतारने की दिशा में ज्यादा मजबूत प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर स्थिति का ईमानदारी और निष्पक्षता से विश्लेषण किया जाए तो जनता की आवाज स्पष्ट दिखाई देती है कि कांग्रेस को INDIA गठबंधन का नेतृत्व करना चाहिए।
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,324 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव परिणामों के अनुसार प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि नीरज कुमार के खाते में 44,827 वोट आए।
इस चुनाव में प्रशांत किशोर तीसरे राजनीतिक विकल्प के तौर पर उभरे। नतीजों में बीजेपी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वोट प्रतिशत पर भी असर दिखाई दिया। पारंपरिक वोट बैंक का एक हिस्सा जन सुराज पार्टी की ओर जाता नजर आया।