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Coronavirus In Maharashtra: स्कूल खुलने के 20 दिन में 1000 से ज्यादा बच्चे कोविड से संक्रमित, स्वास्थ्य मंत्री ने जताई चिंता

Coronavirus In Maharashtra कोविड-19 से जंग के बीच महाराष्ट्र से डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। दैनिक मामलों में तो कमी आ रही है, लेकिन स्कूल खुलने के 20 में ही 1000 से ज्यादा बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए है। हालांकि इनमें हल्के लक्षण देखने को मिले हैं, लेकिन ये सुपरस्प्रेड का काम कर सकते हैं, जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी चिंता जाहिर की है
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Updated: 23 Nov 2021, 1:56 PM IST
Coronavirus In Maharashtra

नई दिल्ली। कोरोना वायरस से जंग के बीच महाराष्ट्र ( Coronavirus In Maharashtra ) से बड़ी खबर सामने आई है। यहां स्कूल खुलने के 20 दिन में 1000 से ज्यादा बच्चे कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने से हड़कंप मच गया है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ( Rajesh Tope ) ने भी कोरोना के इन मामलों को लेकर चिंता जाहिर की है।

कोरोना वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination ) को लेकर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोविड के खतरे को देखते हुए छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन ( Vaccination of Children ) तत्काल शुरू किए जाने की जरूरत है।

कोरोना वायरस की तीसरी लहर ने भले ही दस्तक ना दी हो लेकिन अब भी इसका खतरा टला नहीं है। महाराष्ट्र से एक बार फिर डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

दरअसल तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों के लिए बताया जा रहा था। इस बीच महाराष्ट्र में पाबंदियां हटाए जाने के बाद स्कूल खोले गए हैं। लेकिन 20 दिन में 1000 से ज्यादा बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

वहीं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने जल्द से जल्द बच्चों के वैक्सीनेशन को शुरू करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके वरिष्ठ नागरिकों को भी बूस्टर डोज दिए जाने की जरूरत है।

राजेश टोपे ने कहा कि उन्होंने इस बारे में अपनी चिंता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) के सामने भी दोहराई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा राज्य में कोविड की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। कोरोना की दूसरी लहर का असर काफी कम हो गया है। औसत कोरोना संक्रमितों की संख्या रोज 600 से कम है। इसके बावजूद कोरोना की तीसरी लहर का डर बना हुआ है।

1711 बच्चे संक्रमित
राज्य में स्कूल खुले हुए अभी 20 दिन ही हुए हैं, लेकिन इस बीच आपस में संपर्क बढ़ने की वजह से 11 से 18 साल की उम्र के 1 हजार 711 बच्चों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं।

हालांकि इन बच्चों में कोरोना के सौम्य लक्षण पाए गए हैं। लेकिन चिंता इस बात की है कि ये स्प्रेडर का काम कर सकते हैं।

इस वजह से सतर्कता और सावधानी बरतनी जरूरी है। साथ ही बच्चों का वैक्सीनेशन तेज गति से किया जाना जरूरी है।
राजेश टोपे ने कहा कि राज्य के टास्क फोर्स के विशेषज्ञों की भी यही राय है।

छोटी क्लासेस शुरू करने की निर्णय सीएम लेंगे
राजेश टोपे ने कहा कि, ‘दिवाली के बाद स्कूलों में लगभग सभी वर्ग की कक्षाएं शुरू करने की मांग की जा रही है। इसको ध्यान में रखते हुए पहली से चौथी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए भी स्कूल खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दे दिया है। हालांकि अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ही लेंगे।

बता दें कि कोरोना से जंग के बीच महाराष्ट्र में चिकनगुनिया के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसको लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की।

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