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Delhi Liquor: दिल्ली में जल्द शराब की होगी होम डिलीवरी! GOM ने कैबिनेट के पास भेजा प्रस्ताव

शराब के शौकीनों के लिए सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है। रात 3 बजे तक शराब परोसे जाने की अनुमति देने के बाद अब सरकार शराब उपभोक्ताओं को एक और सुविधा देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अब शराब की होम डिलीवरी भी की जाएगी।

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Delhi Liquor Home Delivery Will Start Soon GOM Sent Proposal To Cabinet

शराब के शौकीनों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार लगातार अपनी आबकारी नीति में बदलाव कर शराब के शौकीनों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे रही है। हाल में केजरीवाल सरकार ने रेस्त्रां और बार में शराब परोसन की अवधि में इजाफा किया था, तो वहीं अब सरकार एक और बड़ी सुविधा सरकार को देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत जिस तरह ऑनलाइन खाना आर्डर कर घर पर मंगा सकते हैं वैसे ही दिल्लीवासी अब जल्द ही घर पर शराब ऑर्डर कर मंगा सकेंगे। दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समूह (GOM) ने कैबिनेट में इसको लेकर अहम प्रस्ताव दिया है।

बताया जा रहा है कि GOM की सिफारिशों को मंजूरी मिलते ही ये सुविधा दिल्ली में शुरू हो जाएगी। यानी दिल्लीवासियों को घर बैठे शराब पहुंचाई जाएगी। जिस तरह स्विगी या फिर जोमेटो से खाना आदि ऑर्डर कर मंगाया जाता है।

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GOM ने ये सलाह भी दी है कि खुदरा शराब विक्रेताओं की ओर से शराब की MRP पर दी जा रही छूट पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए।

ऐसे होगी शराब की होम डिलीवरी
दिल्ली आबकारी नीति 2022-23 के तहत मंत्रियों के समूह की शराब की होम डिलवरी व अन्य सिफारिशों के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दिल्ली मंत्रिमंडल के सामने रखा गया है।

इसके तहत शराब की होम डिलीवरी पैनल में शामिल बिचौलियों के माध्यम से की जाएगी, जो खुदरा विक्रेताओं से बोतलें एकत्र करेंगे और उन्हें विभिन्न इलाकों में घरों तक पहुंचाएंगे।

होम डिलीवरी करने की हकदार पैनल में शामिल एजेंसियों को अपेक्षित लाइसेंस और अनुमतियां रखने की आवश्यकता होगी। नियमों में कम उम्र के व्यक्तियों को शराब नहीं पहुंचाना शामिल होगा। योजना विभाग ने सलाह दी है कि शराब की होम डिलीवरी के संबंध में एक उपयुक्त नीति तैयार की जानी चाहिए।

क्या है GOM?
दिल्ली कैबिनेट ने पिछले साल फरवरी में मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में राज्य उत्पाद शुल्क सुधार शुरू करने के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया था। इसी समूह को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर यानी GOM कहते हैं। समूह में शहरी विकास और राजस्व मंत्री शामिल हैं। जो वर्तमान प्रणाली के सभी पहलुओं, विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्ट और हितधारकों और आम जनता से सुझाव और प्रतिक्रिया की जांच करते हैं।

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Published on:
11 May 2022 10:01 am
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