Delhi NCR Infrastructure: अब सिर्फ 90 मिनट या उससे कम में दिल्ली से मेरठ, फरीदाबाद और सोहना पहुंचना हुआ मुमकिन। नए एक्सप्रेसवे और नमो भारत RRTS ने बदल दी पूरे NCR की तस्वीर।
Delhi NCR Connectivity: पहले दिल्ली के आसपास के शहरों तक जाना काफी मुश्किल और समय लेने वाला काम माना जाता था। मेरठ, अलवर, सोहना या भिवाड़ी जैसे शहर दिल्ली से जुड़े तो थे, लेकिन भारी ट्रैफिक और लंबे सफर की वजह से लोग वहां जाने से पहले कई बार सोचते थे। अब हालात काफी बदल गए हैं। नए एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रैपिड रेल की वजह से सफर पहले से बहुत आसान और तेज हो गया है। अब लोग करीब 90 मिनट में दिल्ली से कई बड़े शहरों तक पहुंच पा रहे हैं। इसका असर सिर्फ यात्रा पर नहीं, बल्कि कारोबार, प्रॉपर्टी और लोगों की लाइफस्टाइल पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
दिल्ली-NCR में बन रहे नए एक्सप्रेसवे और चौड़ी सड़कें अब सिर्फ सफर आसान नहीं कर रहीं, बल्कि पूरे इलाके के विकास की वजह बनती जा रही हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे कॉरिडोर में प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे साफ है कि लोग अब बेहतर कनेक्टिविटी वाले इलाकों की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। वहीं दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और UER-II ने अलवर, भिवाड़ी और आसपास के शहरों तक पहुंचना बेहद आसान बना दिया है।
बेहतर सड़क नेटवर्क का असर अब कारोबार और पर्यटन दोनों पर दिख रहा है। ट्रांसपोर्ट तेज होने से कंपनियों की डिलीवरी आसान हुई है और लॉजिस्टिक्स खर्च कम हुआ है। FMCG कंपनियां भी अब उन इलाकों तक पहुंच रही हैं जहां पहले बिजनेस करना मुश्किल माना जाता था। दूसरी तरफ सोहना और अलवर जैसे इलाकों में वीकेंड टूरिज्म तेजी से बढ़ा है। होटल और रिसॉर्ट्स में भीड़ बढ़ने लगी है।
दिल्ली-मेरठ Namo Bharat RRTS ने लोगों के सफर का तरीका बदल दिया है। अब मेरठ से दिल्ली तक का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा हो रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा नौकरीपेशा लोगों और बिजनेस सेक्टर को मिल रहा है। गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों में अब लोग आसानी से रहकर दिल्ली में काम कर सकते हैं। यही वजह है कि इन इलाकों में घरों और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
सरकार अब गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले नए नमो भारत कॉरिडोर पर भी काम कर रही है। इससे NCR के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर और आसान होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस कॉरिडोर से शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी देखने को मिलेगी और आने वाले समय में इन शहरों को बड़े बिजनेस और रिहायशी हब में बदल सकती है।
वहीं नई सड़कों और हाई-स्पीड कॉरिडोर ने ट्रांसपोर्ट लागत कम कर दी है। कंपनियों को ईंधन और समय दोनों की बचत हो रही है। अलवर और नीमराना जैसे इलाके अब वेयरहाउसिंग के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। वहीं किसानों को भी इसका फायदा मिला है। फल और सब्जियां जल्दी मंडियों तक पहुंचने लगी हैं, जिससे खराब होने वाली फसल कम हुई है और किसानों को बेहतर दाम मिलने लगे हैं।
बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी की वजह से मेरठ, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहर अब तेजी से नए बिजनेस और रिहायशी हब बनते जा रहे हैं। मेरठ में RRTS और गंगा एक्सप्रेसवे ने विकास की रफ्तार बढ़ाई है, वहीं गाजियाबाद में लग्जरी हाउसिंग और बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़ रहे हैं। फरीदाबाद भी अब गुरुग्राम की तरह उभरता हुआ बड़ा ग्रोथ सेंटर माना जा रहा है, जहां प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
नई सड़कें, मेट्रो और रैपिड रेल अब सिर्फ सफर आसान नहीं कर रहीं, बल्कि लोगों के रहने और काम करने का तरीका भी बदल रही हैं। कंपनियां दिल्ली से बाहर भी आसानी से कारोबार बढ़ा पा रही हैं और लोग दूर रहकर भी रोजाना सफर कर पा रहे हैं। वीकेंड ट्रैवल, फार्म स्टे और छोटे टूरिस्ट स्पॉट्स की मांग भी तेजी से बढ़ी है।