दिल्ली को जाम-मुक्त करने के लिए 34,800 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार हुआ है। इसके तहत 186 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे, सुरंग और एलीवेटेड कॉरिडोर बनाकर दिल्ली-NCR को पूरी तरह सिग्नल-फ्री किया जाएगा।
Delhi New Expressway Project: दिल्ली में लोगों को अब रोजाना के ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने वाली है। सरकार ने दिल्ली-NCR की सड़कों पर चलती गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली को जाम-मुक्त करने के लिए 34,800 करोड़ रुपये के मेगा मास्टर प्लान का बड़ा ऐलान कर दिया है। इसके तहत 186 किलोमीटर लंबी नई सड़कों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जाएगा। दिल्ली में ट्रैफिक का सबसे बड़ा सिरदर्द वो भारी कमर्शियल गाड़ियां और ट्रक हैं, जिन्हें दिल्ली जाना ही नहीं होता, लेकिन रास्ता न होने के कारण वे शहर के अंदर घुसकर जाम लगाती हैं। अब एनएचएआई (NHAI) ने इस ट्रैफिक को दिल्ली के बाहर-बाहर ही दूसरे राज्यों में डाइवर्ट करने की पूरी तैयारी कर ली है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ मिलकर 6-लेन वाले डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ कॉरिडोर का जमीनी निरीक्षण किया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस महा-योजना का पूरा खाका देश के सामने रखा। नितिन गडकरी ने कहा कि 'इससे IGI एयरपोर्ट, बारापुला नाला, मुकरबा चौक, सिंघु बॉर्डर और आश्रम-बदरपुर जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, द्वारका, रोहिणी, पंजाबी बाग और गुरुग्राम जैसे इलाकों को देहरादून एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने यह भी साफ किया कि इस योजना में सिर्फ बाहरी रिंग रोड ही नहीं, बल्कि दिल्ली के भीतर के सबसे बिजी इलाकों को भी सिग्नल-फ्री किया जाएगा।
अब सवाल उठता है कि जब दिल्ली में वर्ल्ड क्लास मेट्रो है, बसों का बेड़ा है, तो फिर हर मोड़ पर पहिए क्यों थम जाते हैं? दरअसल, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने साल 2024 में एक बड़ा सर्वे किया था। इस सर्वे की रिपोर्ट रोंगटे खड़े करने वाली थी। इस आधिकारिक सर्वे में दिल्ली के अंदर 134 ऐसे हॉटस्पॉट यानी इलाके चुने गए जहां चौबीसों घंटे भयंकर जाम रहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के अधूरे निर्माण कार्य, सड़कों पर अवैध कब्जा और गाड़ियों की बेहिसाब संख्या है। इतना ही नहीं, सर्वे में 128 सड़कें बेहद खस्ताहाल और गड्ढों से भरी पाई गईं, जबकि 97 फुटपाथ पूरी तरह टूटे या कब्जों का शिकार मिले।
इस पूरे प्लान का सबसे बड़ा हिस्सा है दिल्ली एयरपोर्ट शिव मूर्ति से लेकर नेल्सन मंडेला मार्ग वसंत कुंज तक बनने वाली 8 किलोमीटर लंबी और 6-लेन की अंडरग्राउंड सुरंग। इस टनल को बनाने में पूरे 7,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दरअसल, द्वारका एक्सप्रेसवे से आने वाले लोग इस सुरंग के जरिए बिना किसी सिंगल रेड लाइट के सीधे वसंत कुंज पहुंच जाएंगे। नितिन गडकरी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप अप्रेजल कमेटी (PPPAC) से हरी झंडी मिल चुकी है और कैबिनेट की फाइनल मंजूरी मिलते ही इसका काम युद्धस्तर पर शुरू हो जाएगा।
इसके साथ ही साउथ दिल्ली और गुड़गांव के बीच चलने वालों के लिए एक और प्रोजेक्ट आ रहा है। AIIMS से लेकर गुरुग्राम वाया महिपालपुर तक 20 किलोमीटर लंबा 6-लेन का एलीवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर एम्स, आईएनए (INA), हौज खास, वसंत कुंज, महिपालपुर और गुरुग्राम को आपस में सीधे जोड़ेगा। गडकरी ने बताया कि इसका एलाइनमेंट फाइनल स्टेज पर है और अप्रैल 2027 से इसका काम शुरू हो जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट मौजूदा दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मदद करेगा। इससे धौला कुआं, महरौली-गुरुग्राम रोड और राव तुला राम मार्ग पर ट्रैफिक कम होगा।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER II) से जोड़ने के लिए गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी के पास 17 किलोमीटर लंबा 6-लेन का एक नया प्रोजेक्ट आ रहा है, जिसका काम दिसंबर 2026 तक शुरू होगा। इसके अलावा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे को भी UER-II से जोड़ा जाएगा। इस डाइवर्जन को लेकर नितिन गडकरी ने बताया इस प्रोजेक्ट के साथ, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे से आने वाले ट्रैफिक को UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ दिया जाएगा। इससे भारी ट्रैफिक को मोड़ने में मदद मिलेगी और माल ढुलाई ज़्यादा असरदार बनेगी।
दिल्ली की तीन बेहद महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हुई थीं। अब राज्य सरकार ने इन्हें एनएचएआई को सौंप दिया है, जिसके बाद एनएचएआई इन्हें 6-लेन सिग्नल-फ्री एक्सप्रेस कनेक्टर के रूप में विकसित करेगा। इनमें आश्रम से बदरपुर तक 7.5 किलोमीटर, हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से पंजाबी बाग तक 18.5 किलोमीटर और महरौली से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक 6.5 किलोमीटर का मुख्य मार्ग शामिल है। इन तीनों प्रोजेक्ट्स पर ग्राउंड वर्क दिसंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा कालिंदी कुंज इंटरसेक्शन पर ओखला बैराज के पास करीब आधा किलोमीटर लंबा इंटरचेंज भी बनाया जाएगा, जिससे नोएडा, जसोला और सरिता विहार के बीच का सफर पूरी तरह सिग्नल-फ्री और तेज हो जाएगा।