
Devendra Fadnavis on Bhagwant Mann: पंजाब की राजनीति इन दिनों एक नए विवाद को लेकर गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा सत्र के दौरान नशे में होने के आरोप लगे हैं। इस मुद्दे पर अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनके पास इस मामले की पूरी और पक्की जानकारी नहीं है, लेकिन जो वीडियो उन्होंने देखा है, उसमें भगवंत मान का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा था।
उन्होंने कहा, “मेरे पास इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए ज्यादा टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। लेकिन अगर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो यह बहुत गंभीर बात है।” फडणवीस ने यह भी साफ किया कि उनके पास इस मामले की ठोस जानकारी नहीं है, इसलिए बिना तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा, लेकिन ऐसे आरोप अपने आप में गंभीर होते हैं।
पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सत्र के दौरान नशे की हालत में थे। विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि ऐसी स्थिति में सदन चलाना ठीक नहीं है और मुख्यमंत्री का परीक्षण कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी का परीक्षण कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री ऐसी स्थिति में हैं, तो फिर विधानसभा सत्र चलाने का क्या मतलब रह जाता है।
इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले, जिससे कार्यवाही भी प्रभावित हुई और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
इन आरोपों पर भगवंत मान ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “इनके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। किस बात का टेस्ट करवाना है?” मान ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया और कहा कि यह सब केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है।
इस मामले पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में इस तरह का व्यवहार पूरे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को मर्यादा और जिम्मेदारी का पालन करना चाहिए।
फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि मुख्यमंत्री नशे में थे या नहीं। यह पूरा विवाद अभी आरोप और बयानबाजी तक ही सीमित है।
लेकिन इस मुद्दे ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी पक्ष इन आरोपों को खारिज कर रहा है।