राष्ट्रीय

बिहार में प्रशांत किशोर का खुला खाता तो बंगाल पर बरसे दिलीप घोष, बोले- देश विरोधी ताकतों का अड्डा बना राज्य

Prashant Kishor: बांकीपुर उपचुनाव नतीजों पर केंद्रीय मंत्री दिलीप घोष ने प्रशांत किशोर पर कसा तीखा तंज, तो वहीं बंगाल को 'राष्ट्र विरोधी ताकतों का ठिकाना' बताते हुए ममता सरकार पर बोला जोरदार हमला। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Aug 04, 2026
s, West Bengal Politics, Bihar Bypoll News, Dilip Ghosh Statement, Jan Suraaj Party
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत पर प्रतिक्रिया देते राज्य मंत्री दिलीप घोष | फोटो सोर्स- IANS

West Bengal Politics: बिहार के बांकीपुर में हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है। इन नतीजों पर राज्य मंत्री और भाजपा नेता दिलीप घोष ने अपनी बात रखी। उन्होंने प्रशांत किशोर पर चुटकी लेते हुए पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। बांकीपुर के नतीजों पर बोलते हुए दिलीप घोष ने कहा कि प्रशांत किशोर काफी समय से राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर हम आम चुनावों में नहीं उतरे होते, तो कम से कम बिहार की जनता ने उन्हें इस बार विधानसभा (सदन) में पहुंचने का मौका तो दे ही दिया है।

प्रशांत किशोर पर दिलीप घोष की टिप्पणी

बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों पर बोलते हुए राज्य मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि प्रशांत किशोर लंबे समय से राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर हम आम चुनावों में नहीं उतरे होते, तो कम से कम बिहार की जनता ने उन्हें इस बार सदन में पहुंचने का मौका दे दिया है।

बंगाल में राष्ट्र विरोधी ताकतों और अपराधियों का ठिकाना

दिलिप घोष ने बंगाल के हालातों पर बात करते हुए कहा कि बंगाल राष्ट्र विरोधी ताकतों का आखिरी गढ़ बन चुका है और हम इसी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। हमने राजनीतिक जीत तो हासिल कर ली है, लेकिन पिछले 10 से 20 सालों से यहां जो देश विरोधी काम चल रहे हैं, चाहे वे आतंकवादियों के हों या गैंगस्टरों के, यह राज्य उनके लिए एक सुरक्षित जगह बना रहा है। यहां की सरकार ने ऐसे तत्वों को बढ़ने का मौका दिया, उन्हें संरक्षण दिया और उनकी सुरक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मिजोरम का आतंकवादी हो, पंजाब का आतंकवादी हो या फिर कोई गैंगस्टर हो, सभी यह शरण लेते थे। ये सब यहीं से पकड़े गए हैं। दूसरे राज्यों की पुलिस आकर यहां एनकाउंटर करती थी और अपराधियों को यहां से उठाकर ले जाती थी।

बंगाल पुलिस पर भी उठाए गंभीर सवाल

दिलीप घोष ने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां की पुलिस को इन सब बातों की जानकारी ही नहीं होती थी। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि यहां कि पुलिस अपना असली काम छोड़कर वसूली और सिंडिकेट के चक्कर में लगी हुई थी। पुलिस का काम सिर्फ यहां से पैसा जुटाकर सत्ताधारी पार्टी को देना रह गया था और आज भी यही चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम आज उतना दिखाई नहीं देता, जितना वास्तव में दिखाई देना चाहिए। इसी वजह से देश विरोधी ताकतों के खिलाफ ये हमारी अंतिम लडाई होगी।

सुरक्षा की चुनौतियां और केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल की सलाह

आगे की स्थिति पर बात करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि सरकार तैयार है और मुख्यमंत्री खुद आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि, वे लोग कुछ न कुछ अनहोनी करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि मेरा मानना है कि यहां की पुलिस को केंद्रीय सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर काम करना चाहिए।

Updated on:
04 Aug 2026 12:10 pm
Published on:
04 Aug 2026 11:40 am