
Domestic LPG Cylinder Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट के बाद दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। तेल के साथ एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है। सरकार ने रविवार को एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये इलाफा किया है। इस पर सोमवार ने एक बयान जारी कर कहा है कि सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि के बाद भी बड़ी मात्रा में अप्रत्यक्ष सब्सिडी मिल रही है, जो उज्ज्वला योजना के तहत न आने वाले उपभोक्ताओं के लिए लगभग 700 रुपये और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 1,000 रुपये है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, प्रवीण मल खानूजा ने सोमवार को कहा कि सऊदी सीपी मानक के आधार पर 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की प्रभावी लागत 1,600 रुपये से अधिक है, लेकिन उपभोक्ता 942 रुपये का भुगतान करते हैं।
खानूजा ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि चाहे मैं उज्ज्वला का ग्राहक हूं या नहीं, मुझे 1,600 रुपये का सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है, भले ही मैं उज्ज्वला का ग्राहक न हूं। ऐसे में यह भी ग्राहक को मिलने वाली एक अप्रत्यक्ष सब्सिडी है। इसके अलावा, उज्ज्वला के ग्राहकों को 300 रुपये अधिक मिलते हैं। कुल मिलाकर, उन्हें 1,000 रुपये की बचत हो रही है। वहीं, उज्ज्वला के ग्राहकों को प्रति सिलेंडर 700 रुपये की छूट मिल रही है।
उन्होंने आगे कहा कि ओएमसी की अंडर-रिकवरी वर्तमान में लगभग 700 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर है, जो पहले के स्तर के समान है, जब सरकार ने वित्त वर्ष 23 और वित्त वर्ष 24 के दौरान ओएमसी को 52,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था। आपूर्ति के संबंध में, खानूजा ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति के बावजूद कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
घरेलू एलपीजी उत्पादन अपने चरम पर पहुंच गया है और विश्व एलपीजी दिवस पर यह 53 टन मीट्रिक टन प्रति दिन तक पहुंच गया, जो संकट से पहले के स्तर से लगभग 60 प्रतिशत अधिक है। वितरकों के पास लंबित ऑर्डर अब चार दिनों से कम हैं, ऑनलाइन बुकिंग 99 प्रतिशत है और डिलीवरी प्रमाणीकरण 96 प्रतिशत है। पिछले चार दिनों में, बुकिंग औसतन 42 लाख प्रति दिन रही जबकि डिलीवरी 44 लाख प्रति दिन हुई। वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री भी बढ़कर 6 टन मीट्रिक टन प्रति माह हो गई है, जो संकट से पहले की खपत का 70-75 प्रतिशत है।
उज्ज्वला योजना के ग्राहकों के लिए, पहले चार सिलेंडरों पर सब्सिडी सालाना 300 रुपये प्रति सिलेंडर तक सीमित है, जो प्रति वर्ष औसतन 4-5 सिलेंडरों की खपत है। खानूजा ने बताया कि 29 रुपये की यह बढ़ोतरी, प्रति दिन 1 रुपये और प्रति परिवार सदस्य 20 पैसे की बचत करती है, खासकर उन परिवारों के लिए जो साल में 12 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने इसे 700 रुपये की कम वसूली की तुलना में बहुत मामूली बढ़ोतरी बताया।