FDI policy India: भारत में चीनी कंपनियों के लिए सीमित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का रास्ता अब खुल गया है। इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने शनिवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
Chinese Companies India Entry: देश में चीनी कंपनियों के लिए भारत में सीमित प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) का रास्ता खुल गया है। वित्त मंत्रालय ने शनिवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार जिन विदेशी कंपनियों में चीन/हांगकांग की 10% तक की शेयरधारिता है, वे क्षेत्रीय शर्तों के अधीन स्वचालित मार्ग से भारत में एफडीआइ के लिए अनुमत वाले क्षेत्रों में निवेश करने के लिए पात्र होंगी।
नए प्रावधान के तहत तय सीमा में निवेश से पूर्व सरकारी अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है बल्कि वे रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के अधीन होंगे। एफडीआइ के नए आसान नियम चीन/हांगकांग या भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले अन्य देशों में पंजीकृत संस्थाओं पर लागू नहीं होंगे।
चीन से संबंधों में सुधार के चलते केंद्रीय कैबिनेट ने पिछले दिनों इस संबंध में नीतिगत संशोधन को मंजूरी दी थी। इससे पहले 2020 में गलवान संघर्ष के बाद केंद्र सरकार ने चीनी कंपनियों के भारत में एफडीआई पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे। अप्रेल 2000 से दिसंबर 2025 तक भारत में कुल एफडीआइ में चीन की हिस्सेदारी केवल 0.32% (2.51 बिलियन डॉलर) है और वह 23वें स्थान पर है।
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआइ की अनुमति दे दी। हालांकि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) में यह सीमा 20% तक सीमित रहेगी। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि विदेशी निवेश वाली किसी भी बीमा कंपनी के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक व्यक्ति भारत में रहने वाला भारतीय नागरिक होना चाहिए। संसद ने पिछले दिनों बीमा क्षेत्र में एफडीआइ 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किए जाने संंबंधी विधेयक पारित किया था।