
TMC Candidate Jahangir Khan: पश्चिम बंगाल के फाल्टा उपचुनाव से बड़ी जानकारी सामने आई है। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का फैसला किया है। टीएमसी उम्मीदवार ने घोषणा किया है कि वो इस चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं। आपको बता दें कि इस सीट पर चुनाव रद्द कर दिया गया था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने 21 मई की तारीख चुनाव के लिए तय की थी।
फाल्टा सीट पर टीएमसी की तरफ से जहांगीर खान मैदान में थे। उनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार दिग्बांशु पांडा और सीपीएम के शंभु कुर्मी से होना था। लेकिन अब चुनाव से हटने के फैसले ने सबको चौंका दिया है। जहांगीर खान ने कहा कि वे निजी कारणों की वजह से चुनाव नहीं लड़ेंगे।
उपचुनाव से पीछे हटने पर टीएमसी नेता जहांगीर खान ने कहा कि मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति बनी रहे और उसका विकास हो। हमारे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसीलिए मैं इस निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्मतदान से खुद को अलग कर रहा हूं।
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने इस मुद्दे पर टीएमसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी हार साफ दिखाई दे रही है, इसलिए अब कोई जोरदार प्रचार भी नहीं हो रहा। उन्होंने यह भी कहा कि गुंडागर्दी खत्म हो गई है और टीएमसी को पता चल चुका है कि नतीजा क्या आने वाला है।
आपको बता दें कि फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आती है। यहां दोबारा मतदान की तैयारियों के बीच टीएमसी के बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई थी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी आखिर नजर क्यों नहीं आ रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने भी तंज कसते हुए जहांगीर खान को लेकर कहा, 'पुष्पा कहां है?'
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी लगातार टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान पर हमला बोलते नजर आए। उन्होंने एक रैली में कहा कि इस बार फाल्टा की जनता ‘पुष्पा’ को हराने वाली है। दरअसल, ‘पुष्पा’ वाला जिक्र पुरानी बयानबाजी से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान ने आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा था, 'अगर वह सिंघम हैं, तो हम भी पुष्पा हैं।' इसके बाद से विपक्ष लगातार इसी बयान को मुद्दा बनाकर उन पर तंज कसता रहा।