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Firing On Donald Trump: ट्रंप पर हमले के बाद पीएम मोदी का आया बयान, बोले- ‘वे सुरक्षित हैं, जानकर राहत मिली’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की खबर सामने आई, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया और वे घायल नहीं हुए। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताते हुए हमले की निंदा की और ट्रंप व मेलानिया के सुरक्षित होने पर राहत व्यक्त की।

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Apr 26, 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला हुआ है। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बचा लिया है। ट्रंप को किसी भी तरह की चोट नहीं आई है। इस हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है।

पीएम मोदी (PM Modi Reaction On Attack) ने इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा- इस हमले के बारे में जानकर दुख हुआ है। मुझे यह जानकर राहत मिली है कि ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप सुरक्षित हैं।

पाक पीएम ने भी जारी किया बयान

पीएम मोदी के अलावा, पाकितान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने एक्स पर लिखा- अमेरिका में कुछ ही देर पहले व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर में हुई गोलीबारी की परेशान करने वाली घटना से मैं बेहद स्तब्ध हूं।

उन्होंने आगे कहा- यह जानकर राहत मिली कि राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और अन्य उपस्थित लोग सुरक्षित हैं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके साथ हैं, मैं उनके निरंतर सुरक्षित रहने और कुशल-मंगल की कामना करता हूं।

ट्रंप पर हमले की कोशिश से दुनिया में हलचल

दुनिया की सबसे ताकतवर कुर्सी पर बैठे नेता पर हमला हो जाए, तो उसका असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता। ट्रंप पर हुए हमले की खबर ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

ट्रंप पर हमले के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हालात को काबू में कर लिया। सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी की वजह से संभावित बड़ा खतरा टल गया।

बताया जा रहा है कि जैसे ही हमला हुआ, सुरक्षा टीम ने तुरंत राष्ट्रपति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और हमलावर की कोशिश नाकाम कर दी गई।

कैसे ट्रंप के नजदीक पहुंच गया हमलावर?

अमेरिका जैसे देश में राष्ट्रपति की सुरक्षा बेहद सख्त होती है, फिर भी इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कई देशों के नेताओं और संगठनों ने इस घटना पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अस्थिरता का संकेत देती हैं।

हमले के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। अब यह जांच की जा रही है कि आखिर हमलावर कैसे इतनी नजदीक तक पहुंच पाया।

खुफिया एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई रणनीति पर काम किया जा रहा है।

राजनीतिक माहौल पर असर

इस घटना का असर अमेरिका की घरेलू राजनीति पर भी पड़ सकता है। विपक्ष और सत्ताधारी दल दोनों ही इस मुद्दे को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

Updated on:
26 Apr 2026 09:55 am
Published on:
26 Apr 2026 09:44 am