Kutch:गुजरात के कच्छ में फैक्ट्री में लगी भीषण आग पेट्रोल पंप तक जा पहुंची, दमकल की गाड़ियां मौके पर बचाव कार्य में जुटी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का इलाका खाली कराया गया है।
Kutch Industrial Fire: गुजरात के कच्छ (Kutch) जिले में आग लगने की एक बड़ी घटना (Massive Fire Incident) सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। यह आग एक फैक्ट्री (Factory) के पास शुरू हुई और देखते ही देखते पेट्रोल पंप (Petrol Pump) के करीब पहुंच गई, जिससे बड़े धमाके का खतरा (Risk of Explosion) पैदा हो गया। प्रशासन और दमकल विभाग (Fire Department) की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है (Rescue Operation in Progress)।
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कच्छ के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक फैक्ट्री में अचानक लपटें उठती देखी गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। चूंकि इलाका औद्योगिक है, इसलिए वहां ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी ने आग में घी डालने का काम किया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि आग की लपटें पास में स्थित एक पेट्रोल पंप की ओर बढ़ने लगीं। पेट्रोल पंप के पास आग लगने की खबर मिलते ही प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा घेरा तैयार किया। एहतियात के तौर पर पंप को खाली करा लिया गया और आसपास के रास्तों पर आवाजाही रोक दी गई ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही गांधीधाम, अंजार और आसपास के केंद्रों से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मी लगातार पानी और फोम की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। हवा की गति तेज होने के कारण आग पर काबू पाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी हैं।
अभी तक इस घटना में किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन फैक्ट्री की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। पुलिस और संबंधित विभाग इस बात की जांच करेंगे कि आग लगने का मुख्य कारण क्या था। क्या यह शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या सुरक्षा मानकों में कोई कोताही बरती गई थी, यह जांच का विषय है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। वहीं, दमकल अधिकारियों ने बताया कि उनकी प्राथमिकता पेट्रोल पंप को आग की चपेट में आने से बचाना है ताकि किसी बड़े विस्फोट को रोका जा सके।
फिलहाल कूलिंग प्रक्रिया (Cooling Process) शुरू करने की तैयारी है। प्रशासन फैक्ट्री मालिक से संपर्क कर अंदर फंसे सामान और रसायनों की जानकारी जुटा रहा है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल सकेगा।
यह घटना गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी ऑडिट (Fire Safety Audit) पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाती है। पेट्रोल पंप जैसे संवेदनशील स्थानों के पास ऐसी फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा के कड़े इंतजामों की सख्त जरूरत है।