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ममता बनर्जी की पार्टी की दो फाड़! निष्कासित विधायक पहुंचे विधानसभा, 59 विधायकों के समर्थन का किया दावा

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के बागी विधायकों के दावों ने बड़ा सियासी भूचाल ला दिया है। 50 से अधिक विधायकों के समर्थन के दावे के बीच पार्टी में गुटबाजी और नेतृत्व पर सवाल तेज हो गए हैं।

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भारत

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Devika Chatraj

Jun 03, 2026

TMC

TMC की बढ़ी मुश्किलें (Patrika Graphic)

TMC Internal Conflict: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, जिसने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अंदरूनी एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी से निलंबित किए गए बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में देखे गए हैं। इन दोनों नेताओं ने 50 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा कर राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।

50 से ज्यादा विधायकों के समर्थन का दावा

सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी से निष्कासित किए गए दोनों विधायकों ने दावा किया है कि उन्हें 50 से अधिक विधायकों का समर्थन मिला है। इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या पार्टी के अंदर एक नया गुट आकार ले रहा है, जो नेतृत्व को सीधी चुनौती दे सकता है।

विधानसभा में नए नेता प्रतिपक्ष की तैयारी?

जानकारी के अनुसार, टीएमसी के भीतर एक बागी समूह ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नया नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की रणनीति पर काम कर रहा है। यदि यह दावा सियासी रूप लेता है, तो यह पश्चिम बंगाल विधानसभा की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों पर निष्कासन

गौरतलब है कि टीएमसी ने बीते सोमवार को ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया था। पार्टी का कहना था कि दोनों नेताओं ने संगठन की अनुशासनात्मक व्यवस्था का उल्लंघन किया है।

फर्जी हस्ताक्षर के आरोप से बढ़ा विवाद

विवाद तब और गहरा गया जब दोनों बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि 6 मई को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, उपनेता प्रतिपक्ष और चीफ व्हिप के नामों को मंजूरी देने वाले प्रस्ताव पत्र पर कई विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी तरीके से किए गए थे। इतना ही नहीं, उनका यह भी दावा है कि उनके अपने हस्ताक्षर भी जाली बनाए गए।

विधायक हॉस्टल में हुई मुलाकातें

पार्टी से निष्कासन के अगले ही दिन दोनों नेताओं को कई टीएमसी विधायकों के संपर्क में देखा गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने कोलकाता स्थित विधायक हॉस्टल में पार्टी के कई विधायकों से मुलाकात की, जिसके बाद पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं और तेज हो गईं।

ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा था कि टीएमसी अब ममता बनर्जी के हाथों से हाईजैक हो चुकी है। उन्होंने यह बयान पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया, जिसने राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया।