
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, एस जयशंकर, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, किरेन रिजिजू और अन्य।(फाइल फोटो: संसद टीवी)
Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे के साथ शुरू हो सकता है। सत्र के पहले दिन हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की। लोकसभा को छह और राज्यसभा को पांच बार स्थगित करना पड़ा। विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरा। वह नारेबाजी करते हुए वेल में भी दाखिल हुए। इसके साथ ही, बीते सोमवार को लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक अध्यादेश की जगह लेने के लिए एक विधेयक पेश किया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई थी।
संसद के मानसून सत्र के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की पहली बैठक मंगलवार को नए नाम 'मंगल मिलन' के तहत आयोजित होगी। सत्तारूढ़ गठबंधन संसद सत्र के दौरान आपसी समन्वय को और मजबूत करने और सदन के भीतर विपक्षी हमले का काट निकालने के लिए एकजुट हो रहा है।
इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सहयोगी दलों के सांसद शामिल होंगे। दरअसल, संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को एनडीए की बैठक आयोजित की जाती है। इस बार इसे मंगल मिलन का नाम दिया गया है। NDA के नेताओं ने कहा कि इस नए नाम के जरिए नियमित संसदीय बैठकों को सांस्कृतिक और संगठनात्मक पहचान देने का प्रयास किया गया है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य कार्यों को स्थगित कर नई एंटी-डिफेक्शन कानून पर चर्चा की मांग की। नोटिस में उन्होंने कहा कि नया कानून अवसरवादी सामूहिक दलबदल को रोकें, लेकिन संसद व विधानसभाओं में ईमानदार आलोचना व असहमति को जगह दे। कांग्रेस सासंद मनीष तिवारी ने इसे अत्यावश्यक मुद्दा बताते हुए सदन के पूरे दिन के कार्य को स्थगित कर चर्चा की अपील की। यह मांग महाराष्ट्र (शिवसेना UBT) और पश्चिम बंगाल (TMC) में हालिया विभाजनों के बीच आई है।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नियम 267 के तहत राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान चौथी बार नीट का पेपर लीक हुआ है। 10 सालों में 150 से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। इस वजह से 7 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। संजय सिंह ने युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की साख को गंभीर मुद्दा बताते हुए चर्चा की अपील की।
Updated on:
21 Jul 2026 10:13 am
Published on:
21 Jul 2026 10:02 am
