राष्ट्रीय

हज 2026 हवाई किराए पर रार: ओवैसी ने बढ़ोतरी को बताया ‘अन्याय’, किरेन रिजिजू ने दिया करारा जवाब!

Kiren Rijiju vs Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हज एयरफेयर में बढ़ोतरी के फैसले की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे शोषण करार देते हुए सर्कुलर तुरंत वापस लेने की मांग की।

2 min read
Apr 30, 2026
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैस (Photo-IANS)

Haj 2026 Airfare Hike: हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रत्येक हज यात्री से एयरफेयर में अतिरिक्त 10,000 रुपये की बढ़ोतरी के फैसले पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि के चलते यह बढ़ोतरी की गई है। हज कमेटी, जो अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्रालय के अधीन आती है, ने हाल ही में एक सर्कुलर जारी कर कहा कि यात्री को यह अतिरिक्त राशि के रूप में 15 मई तक जमा करनी होगी।

ये भी पढ़ें

Todays Chanakya Exit Poll: बंगाल में ममता का किला ध्वस्त? BJP की बंपर जीत का अनुमान

हज एयरफेयर की बढ़ोतरी पर ओवैसी ने उठाए सवाल

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस फैसले की तीखी आलोचना की। उन्होंने इसे शोषण करार देते हुए सर्कुलर तुरंत वापस लेने की मांग की। ओवैसी ने कहा, कुछ महीने पहले मुंबई एंबार्केशन पॉइंट से 90,844 रुपये प्रति यात्री लिए गए थे। अब फिर 10,000 रुपये मांगे जा रहे हैं। यह व्यक्तिगत यात्रियों के मुकाबले लगभग दोगुना रेट है। क्या हज कमेटी के जरिए जाने वाले गरीब तीर्थयात्रियों को सजा दी जा रही है? ज्यादातर हाजी वर्षों तक पैसा बचाकर हज जाते हैं। यह उनके लिए लग्जरी नहीं है। सर्कुलर तुरंत वापस लिया जाए और पहले लिया गया पैसा लौटाया जाए।

इमरान प्रतापगढ़ी ने भी बोला हमला

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इसे पूरी तरह अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि पहले से तय किराए में आखिरी समय पर बढ़ोतरी थोपना उचित नहीं है। उन्होंने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर मुद्दा उठाने की बात कही।

किरेन रिजिजू ने दी सफाई

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई देते हुए कहा कि एयरलाइंस ने ATF की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण प्रति यात्री 30,000 रुपये से 40,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की मांग की थी। सरकार ने विस्तृत बातचीत के बाद इसे मात्र 10,000 रुपये (लगभग USD 100) तक सीमित कर दिया। इससे यात्री प्रति व्यक्ति USD 200-300 की बचत हुई है।

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने जारी किया बयान

अल्पसंख्यक मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सरकार हर उस यात्री की चिंता समझती है जो वर्षों की बचत से हज करने जाता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह शोषण नहीं बल्कि सरकार द्वारा दबाव को खुद पर लेना है, ताकि यात्री पर बहुत बड़ी बोझ न पड़े। मंत्रालय ने कहा कि फैसला पारदर्शी तरीके से और हितधारकों से चर्चा के बाद लिया गया है, जिससे हज 2026 संचालन में कोई व्यवधान न आए।

आपको बता दें कि हज यात्रा पर जाने वाले अधिकांश तीर्थयात्री मध्यम वर्ग या गरीब परिवारों से होते हैं। ऐसे में एयरफेयर में अचानक बढ़ोतरी ने उनके बीच चिंता पैदा कर दी है।

ये भी पढ़ें

बंगाल में जीत का संकेत मिलते ही AAP से BJP में आईं स्वाति मालीवाल ने दिया बड़ा बयान, जानें क्या कहा?
Published on:
30 Apr 2026 09:28 pm
Also Read
View All