
दक्षिण अमेरिका से निकली एक क्रूज शिप पर हंटावायरस फैलने की खबर ने दुनिया भर में दहशत पैदा कर दी है। 'एमवी होन्डियस' नाम की इस जहाज पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कुल आठ मामले सामने आए हैं। इनमें से पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
सबसे चिंताजनक बात ये है कि इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक भी सवार हैं, हालांकि वो अभी पूरी तरह स्वस्थ हैं और डॉक्टरों की नजर में हैं। भारत सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दूसरे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों के साथ मिलकर काम चल रहा है।
एक डच दंपति से यह मामला शुरू हुआ। ये दोनों अर्जेंटीना, उरुग्वे और चिली घूमने के बाद अप्रैल में जहाज पर सवार हुए थे। दोनों की मौत हो गई। एक और व्यक्ति जो इनके करीबी संपर्क में आया था, उसकी भी जान चली गई है।
WHO के मुताबिक, ये एंडीज स्ट्रेन का हंटावायरस है, जो चूहों से इंसानों में फैलता है। इंसान से इंसान में फैलने की क्षमता बहुत सीमित है और इसके लिए लंबा और करीबी संपर्क जरूरी होता है।
जहाज पर लंबा इंक्यूबेशन पीरियड होने की वजह से और मामले सामने आ सकते हैं। WHO ने 6 और 7 मई को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अभी पब्लिक हेल्थ रिस्क कम है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।
सरकारी बयान के अनुसार जहाज पर मौजूद दोनों भारतीयों में अभी तक कोई लक्षण नहीं देखे गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उन्हें निगरानी में रखा गया है।
सरकार ने कहा है कि इनकी सेहत और सुरक्षा को लेकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई है। विभिन्न स्वास्थ्य एजेंसियां तैयारियों की जांच कर रही हैं।
WHO के इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन्स (IHR) के तहत सूचना साझा की जा रही है। डायग्नोस्टिक सपोर्ट बढ़ाने, एपिडेमियोलॉजिकल जांच और यात्रियों के सुरक्षित उतरने की व्यवस्था पर काम हो रहा है।
अमेरिका में ये हंटावायरस कार्डियोपल्मोनरी सिंड्रोम (HCPS) पैदा करता है जो फेफड़ों और दिल को प्रभावित करता है। यूरोप-एशिया में ये किडनी और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमण गंभीर हो सकता है और कई बार मौत का कारण बनता है।
भारत सरकार ने सभी एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर सतर्कता बढ़ा दी है। जो यात्री इस जहाज से लौट रहे हैं, उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी होगी।