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कैसे पश्चिम बंगाल पुलिस ने किया TMC के ‘पुष्पा’ जहांगीर खान को गिरफ्तार? नेपाल में बसने की थी फुल प्लानिंग

TMC Leader Arrest: जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स ने पानीटंकी-काकरभिट्टा बॉर्डर (इंडो नेपाल सीमा) के पास गिरफ्तार किया। टीएमसी नेता की गिरफ्तारी पर एसटीएफ ने बड़े खुलासे किए। पढ़ें पूरी खबर...
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Jun 09, 2026
TMC leader Jahangir Khan
टीएमसी नेता जहांगीर खान (फोटो- एएनआई)

Jahangir Khan Arrest: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने दार्जलिंग जिले के पानीटंकी बाजार के पास तृणमूल कांग्रेस नेता व फाल्टा सीट से उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया है। वह नेपाल भागने की फिराक में था। उस पर हत्या, चुनाव प्रचार के दौरान आपराधिक गतिविधी करने और जबरन वसूली के आरोप हैं। जहांगीर ने पुलिस की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं।

नेपाल में शिफ्ट होने की थी तैयारी

STF टीम एक अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान फरार होने के बाद फांसीदेवा के एक होटल में छिपा हुआ था। फिर इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास एक घर में जाकर छिप गया। वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नेपाल में शिफ्ट होने की फिराक में भी था। इसके कारण वह अकेले एक बार काठमांडू भी हो आया था। वहां उसने एक किराए पर घर लिया था। साथ ही, काठमांडू के एक स्कूल में बच्चे के दाखिले के बारे में भी सोच रहा था।

अधिकारी ने कहा कि जहांगीर ने फरार होने के बाद अपना डिजिटल फुटप्रिंट खत्म कर दिया था। उसने फोन स्विच ऑफ कर दिया, सिम बदल दिया और यहां तक की उसने अपना व्हाट्सएप अकाउंट भी डिलीट कर दिया। हालांकि, वह अपने कुछ भरोसेमंद साथियों और परिजनों के संपर्क में जरूर था।

ट्रांजिट रिमांड पर डायमंड हार्बर भेजा गया

पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि आरोपी को इंडो-नेपाल बॉर्डर के पास गिरफ्तार करने के बाद पानीटंकी पुलिस स्टेशन लाया गया। इसके बाद सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर डायमंड हार्बर भेज दिया गया।

21 मई को रिपोलिंग से पहले बदले जहांगीर के सुर

29 अप्रैल को वोटिंग के दौरान हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने फाल्टा में दोबारा वोटिंग का आदेश दिया। दोबारा वोटिंग 21 मई को होनी थी। खान के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था, जिसके बाद वे कोर्ट गए और 18 मई को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच ने उन्हें फाल्टा में दोबारा चुनाव लड़ने के लिए गिरफ्तारी से अस्थायी राहत दी। लेकिन 21 मई को होने वाली दोबारा वोटिंग से 48 घंटे पहले खान चुनाव से हट गए। अपनी निष्ठा बदलने का हवाला देते हुए खान ने कहा था कि मेरा सपना एक 'गोल्डन फाल्टा' का था। हमारे मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक स्पेशल पैकेज दे रहे हैं। इसी वजह से मैंने खुद को पीछे हटाने का फैसला किया है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने रद्द की अंतरिम सुरक्षा

फाल्टा में दोबारा चुनाव के एक दिन बाद कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस पार्थ सारथी सेन की वेकेशन बेंच ने जहांगीर की अंतरिम सुरक्षा को रद्द कर दिया। खान की जमानत बढ़ाने की अपील को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि यह बहुत अन्यायपूर्ण होगा अगर बंगाल में राजनीतिक हालात बदलने की वजह से ही रिट याचिकाकर्ता को अनुचित सुरक्षा दी जाए। याचिकाकर्ता अंतरिम सुरक्षा का मामला बनाने में बुरी तरह विफल रहा है। अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने की अपील खारिज की जाती है और अंतरिम सुरक्षा रद्द की जाती है। जैसे ही कोर्ट ने सुरक्षा रद्द की, खान भाग गए। उसके बाद से ही पश्चिम बंगाल की पुलिस जहांगीर की तलाश में जुटी हुई थी।

Updated on:
09 Jun 2026 02:11 pm
Published on:
09 Jun 2026 11:09 am
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