humayun kabir warns bengal government: बकरीद पर कुरबानी को लेकर हुमायूं कबीर ने बंगाल सरकार को वार्निंग दे डाली है। उन्होंने कहा है कि मुस्लिम समुदाय समझौता नहीं करेगा। जगह नहीं दी गई तो सड़क पर नमाज होगी।
बकरीद को लेकर पश्चिम बंगाल में तनाव की स्थिति बनती दिख रही है। आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर ने भाजपा सरकार को साफ चेतावनी दी है कि मुस्लिम समुदाय कुरबानी पर किसी भी तरह की रोक को बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आग के साथ खेलने जैसा होगा। दरअसल, सरकार ने 13 मई को पशु वध के नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इनमें बैल, गाय, भैंस आदि के वध के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही सार्वजनिक जगहों पर वध पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
हुमायूं कबीर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा- 37 प्रतिशत मुसलमान गोमांस खाते हैं। अगर सब बंद करना है तो पहले उन सारे लाइसेंस वाले स्लॉटर हाउस बंद करो जहां गायों को काटा जाता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का सम्मान जरूर होना चाहिए, लेकिन कुरबानी रुकने वाली नहीं है। कबीर ने आगे कहा कि कुरान के मुताबिक जो जानवर कुरबानी के लिए जायज हैं, उनकी कुर्बानी होगी। मुस्लिम समुदाय इस मामले में किसी भी हालत में समझौता नहीं करेगा।
कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को सीधा संदेश देते हुए कहा- आग के साथ न खेलें। अगर कुरबानी पर पाबंदी लगाने की कोशिश की तो सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
विधायक ने सरकार की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बीफ का निर्यात और आयात करती है और इससे हजारों करोड़ रुपये का टैक्स वसूल करती है। फिर बंगाल में मुसलमानों की धार्मिक परंपरा पर रोक क्यों?
इसके अलावा हुमायूं कबीर ने बकरीद पर नमाज के लिए उचित जगह उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि अगर मैदान नहीं दिया गया तो नमाज सड़क पर ही अदा की जाएगी, जैसा सालों से होता आ रहा है।
कोलकाता के रेड रोड (इंदिरा गांधी सारणी) पर मुस्लिम समुदाय लंबे समय से ईद की नमाज पढ़ता रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हालिया टिप्पणी का जिक्र करते हुए कबीर ने कहा कि बड़े धार्मिक आयोजन व्यवस्थित तरीके से तय जगहों पर होने चाहिए, लेकिन इसके लिए सरकार को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।