20 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पश्चिम बंगाल BJP में खटपट शुरू! चार नेताओं को भेजा गया नोटिस

बता दें कि 12 मई को हुई इस घटना में भाजपा नेताओं पर पाथरड़ी स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (बीएमओएच) को परेशान करने, गाली-गलौज करने और शारीरिक रूप से उत्पीड़न करने का आरोप है।

2 min read
Google source verification
BJP

BJP

West Bengal BJP Show Cause Notice: पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई में आंतरिक अनुशासन की कार्रवाई शुरू हो गई है। पुरुलिया जिले के बाघमुंडी ब्लॉक में स्वास्थ्य अधिकारी पर हमले के आरोप में चार प्रमुख स्थानीय नेताओं को शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया गया है। पार्टी ने इस घटना को शर्मनाक बताते हुए आरोपियों को तत्काल पार्टी कार्यों से दूर रहने के निर्देश दिए हैं।

गाली-गलौज और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि 12 मई को हुई इस घटना में भाजपा नेताओं पर पाथरड़ी स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (बीएमओएच) को परेशान करने, गाली-गलौज करने और शारीरिक रूप से उत्पीड़न करने का आरोप है। आरोपियों ने कथित तौर पर डॉक्टर से पूछा कि बाघमुंडी की प्रसूताओं को दूसरे राज्य के अस्पताल में रेफर क्यों किया जा रहा है। इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई और स्वास्थ्य केंद्र के कामकाज में बाधा डाली गई।

चार नेताओं को जारी किया गया नोटिस

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य भाजपा नेतृत्व ने इस मामले को गंभीरता से लिया। राज्य अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समीक भट्टाचार्य के निर्देश पर अनुशासन समिति की सिफारिश पर चार नेताओं को नोटिस भेजा गया। नोटिस प्राप्त करने वालों में पुरुलिया जिला परिषद सदस्य और बाघमुंडी ब्लॉक इकाई के संयोजक राकेश महतो, ब्लॉक सह-संयोजक विजयमोहन सिंह, मंडल-4 अध्यक्ष अरुण चंद्र मांझी और युवा मोर्चा अध्यक्ष मिथुन कुमार शामिल हैं।

सात दिनों के अंदर देना होगा जवाब

पार्टी ने इन नेताओं पर सरकारी काम में बाधा डालने, स्वास्थ्य अधिकारियों को धमकाने, अभद्र भाषा का प्रयोग और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन्हें सात दिनों के अंदर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। इस दौरान चारों नेताओं को पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में भाग लेने से रोक दिया गया है।

मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा : जिला भाजपा अध्यक्ष

पुरुलिया जिला भाजपा अध्यक्ष शंकर महतो ने कहा कि यह पूरी तरह पार्टी का आंतरिक मामला है। राज्य नेतृत्व ने फैसला लिया है, इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। राकेश महतो ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वे स्वास्थ्य केंद्र की खराब स्थिति पर चर्चा करने गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि बहस हुई, लेकिन किसी भी तरह के उत्पीड़न से इनकार किया। बाकी तीन नेताओं ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग