
Hyderabad Metro Phase 2: हैदराबाद मेट्रो रेल के दूसरे चरण को लेकर तेलंगाना की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (CM Revanth Reddy) ने केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी पर आरोप लगाया है कि वे 122 किलोमीटर लंबे हैदराबाद मेट्रो का दूसरा चरण (Hyderabad Metro Phase-2) प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि जरूरी फंड जारी करने में जानबूझकर अड़चनें पैदा की जा रही हैं, जिससे शहर के विकास पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार हैदराबाद मेट्रो के विस्तार को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल कर परियोजना के लिए मिलने वाली वित्तीय सहायता को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है बल्कि हैदराबाद के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार साझेदारी नहीं करना चाहती तो कम से कम परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी अनुमति देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार को हमारे साथ मिलकर काम करने में मुश्किल हो रही है, तो उन्हें बस एनओसी (NOC) जारी कर देनी चाहिए। हम सारा बोझ उठाएंगे और मेट्रो का विस्तार पूरी तरह से खुद करेंगे। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक सहित सभी आवश्यक मंजूरियां हासिल कर ली हैं, फिर भी ऋण राशि का हस्तांतरण नहीं हो पा रहा है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र 122 किलोमीटर के मेट्रो विस्तार में भागीदारी करेगा या फिर एनओसी जारी करेगा।
मुख्यमंत्री ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई इस योजना को बाद में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पिछली बीआरएस (BRS) सरकार के दौरान देरी और अन्य कारणों से इसकी लागत 15,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद उनकी सरकार ने परियोजना को फिर से गति देने का फैसला किया। हालांकि, मेट्रो परियोजना की मूल भागीदार कंपनी एल एंड टी (L&T) ने दूसरे चरण में शामिल होने से इनकार कर दिया। कंपनी ने इसे आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं बताया।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि जापानी संगठन ने आईआरएफसी (IRFC) को फंड जारी कर दिया है, लेकिन राज्य सरकार को फंड ट्रांसफर करने में रुकावट आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी अन्य केंद्रीय मंत्रियों से संपर्क कर इन फंड्स को राज्य सरकार तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ बीआरएस नेताओं के साथ मिलकर हैदराबाद के विकास को बाधित किया जा रहा है।