
Indian Army: पाकिस्तान और चीन से लगती सीमाओं पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारतीय सेना अपने तोपखाने को और भी मजबूत करने जा रही है। इसके लिए भारतीय सेना 300 से अधिक अतिरिक्त के-9 वज्र स्व-चालित तोपों की खरीद का प्रस्ताव लेकर आई है। करीब 23 हजार करोड़ रुपए के इस प्रस्ताव पर जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड में चर्चा हो सकती है। आपको बता दें कि के-9 वज्र का लद्दाख के ऊंचाई वाले और बेहद ठंडे इलाकों में भी सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसके बाद सेना ने इसे अपनी रणनीतिक जरूरतों के लिए अहम हथियार माना है।
के-9 वज्र 155 मिमी/52 कैलिबर की स्व-चालित तोप है, जो 40 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक मार करती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता 'शूट एंड स्कूट' (दागो और भागो) क्षमता है। यानी फायरिंग के तुरंत बाद यह अपनी स्थिति बदल सकती है, जिससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचना आसान हो जाता है।
भारतीय सेना ने वर्ष 2017 में 100 के-9 वज्र तोपों की खरीद के लिए 4,500 करोड़ रुपए का अनुबंध किया था। इसके बाद दिसंबर 2023 में 100 और तोपों की खरीद के लिए 7,600 करोड़ रुपए का समझौता हुआ। वहीं नए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर सेना के बेड़े में के-9 वज्र तोपों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी।
भारतीय सशस्त्र बलों में एकीकृत थिएटर कमांड व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है। पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कार्यकाल के अंतिम चरण में थिएटर कमांड का विस्तृत ब्लूप्रिंट रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंप दिया है। अब इस प्रस्ताव पर विचार के बाद इसे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के समक्ष रखा जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन-पाकिस्तान के बढ़ते सामरिक सहयोग और हालिया सैन्य अभियानों के अनुभवों के बाद थिएटर कमांड की जरूरत और अधिक महसूस की जा रही है। इस प्रस्ताव के अनुसार लखनऊ स्थित नॉर्दर्न थिएटर कमांड चीन, जयपुर स्थित वेस्टर्न थिएटर कमांड पाकिस्तान और तिरुवनंतपुरम स्थित मैरीटाइम थिएटर कमांड हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा पर केंद्रित होगा।