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भारत-न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक डील: टैरिफ में राहत और 20 अरब डॉलर निवेश, भारतीय छात्रों-प्रोफेशनल्स के लिए रास्ते भी खुले

India New Zealand FTA: भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए FTA 2026 से व्यापार आसान होगा, टैरिफ घटेंगे, 20 अरब डॉलर का निवेश आएगा और भारतीय छात्रों व प्रोफेशनल्स के लिए नए मौके खुलेंगे, जानें पूरी डिटेल।

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Apr 27, 2026
India New Zealand FTA Signing (Image: X/Piyush Goyal)

India New Zealand FTA Signing: भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। यह दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा। इस समझौते से व्यापार आसान होगा, निवेश बढ़ेगा और भारतीय छात्रों व प्रोफेशनल्स के लिए नए रास्ते खुलेंगे। इसे भारत की सबसे तेजी से पूरी हुई व्यापार डील्स में से एक माना जा रहा है।

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कैसे हुआ समझौता?

इस समझौते पर भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए। बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी और सिर्फ 9 महीने में दिसंबर 2025 तक पूरी हो गई। पहले भी कई बार बातचीत हुई थी, लेकिन भारत के डेयरी सेक्टर की चिंता के कारण बात अटक गई थी। इस बार दोनों देशों ने संतुलन बनाकर समझौता किया है।

टैरिफ में राहत से क्या फायदा होगा?

न्यूजीलैंड अब भारत के कई प्रोडक्ट्स पर लगने वाला टैक्स (टैरिफ) हटा देगा। अभी टेक्सटाइल, लेदर, कारपेट, सिरेमिक और ऑटो पार्ट्स पर करीब 10% तक टैक्स लगता था। अब ये हटने से भारतीय सामान सस्ता और ज्यादा कॉम्पटेटिव हो जाएगा। चाय, कॉफी और मसालों जैसे कृषि उत्पादों को भी फायदा मिलेगा और उन्हें न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर मौका मिलेगा।

भारत ने क्या छूट दी?

भारत ने करीब 70% प्रोडक्ट्स के लिए अपना बाजार खोला है। लेकिन 30% संवेदनशील चीजों को बाहर रखा है। डेयरी प्रोडक्ट जैसे दूध, पनीर, मक्खन और दही को पूरी तरह बाहर रखा गया है ताकि देश के किसानों को नुकसान न हो। इसके अलावा कुछ पशु उत्पाद, चीनी, तेल, रत्न-आभूषण और कुछ धातुएं भी शामिल नहीं की गई हैं।

हालांकि, सेब, कीवी और मनुका हनी जैसे कुछ उत्पाद सीमित मात्रा (कोटा) में आने दिए जाएंगे, जिससे धीरे-धीरे तकनीक और उत्पादन में सुधार हो सके।

20 अरब डॉलर का निवेश

न्यूजीलैंड ने वादा किया है कि वह अगले 15 साल में भारत में करीब 20 अरब डॉलर निवेश करेगा। इससे भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विकास होगा। साथ ही व्यापार से जुड़े नियम आसान किए जाएंगे और विवाद सुलझाने की प्रक्रिया भी सरल होगी।

सेवाओं और नौकरियों के मौके

इस समझौते से सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा फायदा होगा। न्यूजीलैंड ने 100 से ज्यादा सर्विस सेक्टर भारतीय कंपनियों और लोगों के लिए खोल दिए हैं। भारत भी 100 से ज्यादा सेक्टर में मौका देगा, लेकिन पूरी छूट कुछ ही क्षेत्रों में होगी।

भारतीय छात्रों के लिए अच्छी खबर है कि अब उनकी संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। खासकर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) पढ़ने वालों को पढ़ाई के बाद ज्यादा समय तक काम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा करीब 5000 भारतीय प्रोफेशनल्स को IT, हेल्थकेयर, शिक्षा, कंस्ट्रक्शन और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए वीजा मिलेगा।

दोनों देशों के बीच व्यापार की स्थिति

पिछले कुछ सालों में भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार ऊपर-नीचे होता रहा है। 2024 में भारत का सेवाओं का निर्यात 13% बढ़कर 634 मिलियन डॉलर हो गया है जबकि आयात 7% बढ़कर 611 मिलियन डॉलर रहा है।

भारत से दवाइयां, मशीनरी, कपड़ा और कीमती पत्थर निर्यात होते हैं जबकि न्यूजीलैंड से ऊन, धातु, फल, नट्स और एल्युमिनियम आता है।

समझौता कब लागू होगा

इस समझौते को लागू होने से पहले दोनों देशों की मंजूरी जरूरी है। भारत में यह सरकार की मंजूरी से हो जाएगा, लेकिन न्यूजीलैंड में संसद की मंजूरी लगेगी, जिसमें कुछ महीने लग सकते हैं। कुल मिलाकर यह समझौता भारत के लिए बड़ा मौका है। इससे व्यापार बढ़ेगा, निवेश आएगा और छात्रों व प्रोफेशनल्स को नए अवसर मिलेंगे। आने वाले समय में यह डील दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी और आर्थिक विकास को तेज करेगी।

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Published on:
27 Apr 2026 04:27 pm
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