
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में आम लोगों पर हो रही हिंसा और पाकिस्तानी बलों की कार्रवाई की खबरों के बाद भारत ने एक बार फिर सख्ती से अपना रुख दोहराया है।
विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें जम्मू, कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। किसी भी साझेदार देश या मीडिया को इस इलाके को गलत नाम से पुकारने की इजाजत नहीं है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के लंबे मार्च के दौरान 40 से ज्यादा लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के शेयर किए वीडियो में पाकिस्तानी बलों द्वारा आम नागरिकों पर लाठी-डंडे चलाने और गोलीबारी करने के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी अखबार 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने इस घटना पर रिपोर्ट छापी तो भारत ने तुरंत आपत्ति जताई।
भारतीय दूतावास ने कहा कि अखबार का शीर्षक भ्रामक और पूरी तरह गलत था। उन्होंने लिखा- पाकिस्तानी कश्मीर' जैसा कोई इलाका नहीं है। सिर्फ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस में कहा- हमारी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। जम्मू, कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्से हैं। ये पहले भारत के थे, आज हैं और भविष्य में भी रहेंगे।
उन्होंने सभी साझेदार देशों और मीडिया संस्थानों से अपील की कि वे इस क्षेत्र के लिए सही नाम और सही पहचान का इस्तेमाल करें। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने इन इलाकों के कुछ हिस्सों पर गैरकानूनी कब्जा किया हुआ है और अब वहां के लोगों पर जुल्म ढा रहा है।
भारत बार-बार यह बात दोहराता रहा है कि 370 अनुच्छेद हटने के बाद भी पूरा क्षेत्र भारत का हिस्सा है। केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब देश का अभिन्न अंग हैं। विदेश मंत्रालय का यह बयान उन विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के जवाब में आया है जो पीओके की खबरों में भी क्षेत्र को गलत तरीके से पेश कर रही हैं।
भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान वहां हिंसा का सहारा ले रहा है। दूतावास ने साफ किया कि अवैध कब्जे वाले इलाके में लोकल लोगों की आवाज दबाई जा रही है।