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पाकिस्तान की अब निकल जाएगी सारी हेकड़ी, आतंकवाद पर भारत-रूस सख्त

India-Russia Tough On Terrorism: भारत और रूस ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाते हुए ठोस कार्रवाई का आह्वान किया, जिसका उद्देश्य आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करना है।
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Dec 06, 2025
India-Russia Against Terrorism
भारत-रूस सख्त: आतंकवादी समूहों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान (इमेज सोर्स: ANI)

India-Russia Against Terrorism: भारत और रूस ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साफ संदेश दे दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अब और तेज होगी। दोनों देशों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद, उग्रवाद, ड्रग तस्करी, सीमा पार आवाजाही और आतंकियों की फंडिंग जैसी चुनौतियों से सख्ती से निपटा जाएगा। ऐसे में यह साझेदारी पाकिस्तान जैसे देशों पर भी सीधा दबाव बनाएगी, जो अक्सर आतंकियों को पनाह देने के आरोपों से घिरे रहते हैं।

आतंकवाद से दोनों देश हैं पीड़ित

22 अप्रैल, 2025 का दिन भला कौन भूल सकता है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जब कायर आतंकियों ने मासूम लोगों को धर्म पूछ-पूछ कर मार डाला था। ऐसा नहीं है कि भारत ही सिर्फ आतंक को झेल रहा है, 22 मार्च, 2024 को रूस में मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हुए आतंकवादी हमले में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

ऐसे में दोनों ही नेताओं ने इस घटिया कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आतंकवाद के आपराधिक और अनुचित सभी कृत्यों को स्पष्ट रूप से नकार दिया।

आतंकवादी समूहों और संस्थाओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान

यही नहीं भारत और रूस ने अलकायदा, आईएसआईएस जैसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा सूचीबद्ध सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्ती से निपटने की बात कही। उनका मानना है कि आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को खत्म करना, उनकी विचारधारा को रोकना, धन की सप्लाई काटना और सीमा पार होने वाली आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगाना बेहद जरूरी है।

दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा के सभी प्रस्तावों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी माना कि आतंकवाद से निपटने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हर देश और उसकी एजेंसियों की होती है। इसी कारण भारत और रूस ने आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने पर सहमति जताई।

दोनों देशों ने 2022 में भारत की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सीटीसी बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें एक घोषणा पास की गई थी। यह घोषणा नई तकनीक जैसे कि डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया और ड्रोन का आतंकियों द्वारा दुरुपयोग रोकने पर केंद्रित थी।

भारत और रूस ने ऑनलाइन कट्टरपंथ रोकने, एससीओ और ब्रिक्स जैसे समूहों में सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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