दुबई से यमन जा रहा एक कार्गो जहाज होर्मुज में डूब गया। ईरान अमेरिका के बीच भारी फायरिंग की चपेट में आने के कारण जहाज क्षतिग्रस्त होकर डूब गया।
अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अब भारत पर पड़ने लगा है। देवभूमि द्वारका जिले के सलाया का एक मालवाहक जहाज होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में ईरानी और अमेरिकी नौसेना के बीच हुई फायरिंग की चपेट में आ गया। हादसे में जहाज डूब गया, जिसमें एक खलासी की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार सलाया का मालवाहक शिप 7 मई को दुबई से जनरल कार्गो लेकर यमन के मुकल्ला पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। जहाज पर टंडेल (चालक) सहित कुल 18 खलासी सवार थे। बताया गया कि रात करीब एक बजे जहाज जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था, तभी ईरानी और अमेरिकी नौसेना के बीच अचानक भारी फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान गुजरात का जहाज क्रॉस फायरिंग की चपेट में आ गया। गोलाबारी के कारण जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें तेजी से पानी भरने लगा।
अफरा-तफरी के बीच इंजन रूम में ड्यूटी कर रहे सलाया निवासी नाविक अल्ताफ तालाब केर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जहाज डूबने के दौरान अन्य खलासियों ने मदद की गुहार लगाई। इसी बीच वहां से गुजर रहे एमएसवी प्रेम सागर-1 जहाज के क्रू ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 17 खलासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए खलासी शुक्रवार शाम दुबई पोर्ट पहुंच गए। वहां उन्होंने हादसे से जुड़ा एक वीडियो भी जारी किया।
इंडियन सेलिंग वेसल्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी आदम भाया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुबई स्थित भारतीय दूतावास को पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है। एसोसिएशन ने मांग की है कि मृतक खलासी अल्ताफ तालाब केर का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाया जाए तथा दुबई में मौजूद अन्य नाविकों को मेडिकल सहायता और ठहरने की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
बीते दिनों अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य झड़प की खबरें सामने आई। ईरान ने यूएई पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया। जिसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर के टूटने का खतरा मंडराने लगा।
UAE ने कहा है कि उसने ईरान से दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया, और देश भर में रक्षात्मक अभियानों के कारण धमाकों की खबरें आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ संघर्ष-विराम अभी भी "लागू" है, जबकि तेहरान ने वाशिंगटन पर हमले करके संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।