
IndiGo Crisis: चेन्नई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शुक्रवार तड़के पायलट और केबिन क्रू की कमी से आठ घंटे के भीतर 62 उड़ानें रद्द या विलंबित हो गईं। इसमें 40 उड़ानें पूरी तरह रद्द हुईं, जबकि 22 उड़ानें दो से छह घंटे तक विलंबित रहीं।
इंडिगो एयरलाइंस की परिचालन समस्या से हजारों यात्री फंस गए और यात्रियों ने एयरलाइंस काउंटरों पर विरोध प्रदर्शन किया। वेबसाइट पर उड़ानों को 'ऑन टाइम' दिखाया जाता रहा। टिकट दरों में भारी वृद्धि देखी गई-चेन्नई से कोयंबटूर के लिए 60,000 रुपए, तिरुचि के लिए 41,000 रुपए तक टिकट बिके। केवल एयर इंडिया और स्पाइसजेट का संचालन जारी रहा।
इंडिगो एयरलाइंस की कई उड़ानों के अचानक रद्द होने से शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एसवीपीआई) पर यात्री घंटों टर्मिनल पर फंसे रहे। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार यात्रियों को खास तौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
इंडिगो के परिचालन में आई बाधा ने कोलकाता-जयपुर मार्ग समेत अन्य उड़ानों को बाधित कर दिया है, जिससे क्रिसमस और न्यू ईयर की अग्रिम बुकिंग कराने वाले यात्री संकट में हैं। अन्य एयरलाइंस मनमाना किराया वसूल रही हैं, जिससे कोलकाता से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु का किराया दोगुना से अधिक हो गया है। कोलकाता-दिल्ली किराया 70000 से अधिक पहुंचा। शनिवार की सभी टिकटें सोल्ड आउट हो गई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर 3 तारीख से शुक्रवार दोपहर तक इंडिगो के 92 विमान रद्द हुए है।
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को लगातार चौथे दिन व्यवधान जारी रहने के कारण इंडिगो की कम से कम 102 उड़ानें रद्द कर दी गईं। अन्य एयरलाइनों ने अचानक अपने किराए बढ़ा दिए हैं। दिल्ली-बेंगलुरु मार्ग पर जहां सामान्य किराया 6 से 9 हजार रुपए के बीच होता था मगर अभी किराया बढ़कर वर्तमान किराया 11,000 से 53 हजार रुपए तक हो गया है।