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भारतीयों की मौत पर ईरान ने अमरीका को कोसा, लोग मोदी सरकार पर उठाने लगे अंगुली

Strait of Hormuz: ईरान के समर्थन में भारत में सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा पोस्ट की जा रही है। इसके साथ ही अमरीका को लेकर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा है।
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Jun 12, 2026
Iran India support
अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविक (Photo-X @kscChouhan/ @MattooShashank)

Indian Sailors Killed: अमरीका और इजरायल से जंग लड़ रहे ईरान के समर्थन में पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर भारतीयों के अनेक पोस्ट्स दिखाई दे रहे हैं। इसके दो प्रमुख कारण हैं। एक तो ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास जहाज पर अमरीकी हमले में मारे गए तीन भारतीयों का हवाला देकर अमरीका को कोसा है। इसके बाद कई लोग सोशल मीडिया पर ईरान को भारत का हमदर्द बताने लगे और यहां तक लिखने लगे कि ईरान तो भारत के साथ है, पर भारत की सरकार ईरान के साथ नहीं है।

ईरान के समर्थन में हो रहे सोशल मीडिया पोस्ट्स की दूसरी वजह एक भारतीय टीवी चैनल पर प्रसारित एक रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट को ईरान की ओर से फर्जी करार देते हुए भारतीय मीडिया को नसीहत दी गई है।

दूसरी वजह की बात पहले कर लेते हैं।

टीवी चैनल की रिपोर्ट को ईरान ने बताया फेक न्यूज तो लोगों ने क्या लिखा?

भारतीय चैनल 'आज तक' पर एक कार्यक्रम में ईरान को लेकर एक रिपोर्ट दिखाई गई थी, जिसमें कहा गया कि ईरान में खाने-पीने तक का संकट हो गया है, लोग ईएमआई पर रोटी खा रहे है।

ईरान द्वारा रिपोर्ट को गलत बताए जाने के बाद फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा- भारत में स्थित ईरान के दूतावास ने चैनल द्वारा ईरान की आर्थिक स्थिति को लेकर प्रसारित किए गए दावों का खंडन किया है। जब कोई आधिकारिक दूतावास सीधे तौर पर किसी खबर का विरोध या जवाब देता है, तो क्या दर्शकों को उस खंडन के बारे में नहीं बताया जाना चाहिए, या कम से कम कहानी के दोनों पक्ष नहीं दिखाए जाने चाहिए?

@TheDeshBhakt ने सरकार समर्थक मीडिया पर सवाल उठाते हुए उसे परमाणु हथियार से भी खतरनाक बता दिया।

एक यूजर ने रिपोर्ट पेश करने वाली एंकर पर कुछ इस तरह निशाना साधा।

टीचर और यूट्यूबर अभिनय ने भी एंकर पर निशाना साधा।

अभिनय के वीडियो पर एक यूजर ने लिखा- ऐसे पत्रकार ही लोकतंत्र के पतन का कारण हैं। भारत में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ (मीडिया) पूरी तरह कमजोर हो चुका है। हमें इन्हें जवाबदेह ठहराना होगा।

भारतीयों की मौत के सवाल पर मोदी सरकार पर उठाई अंगुली

यह प्रकरण 'रोटी वाली रिपोर्ट' के बाद का है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में भारतीयों की मौत का हवाला देते हुए अमरीका को कोसते हुए ट्वीट किया। इसके बाद कई लोग ईरान को भारत का हमदर्द बताने लगे। मोहम्मद जुबेर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने मारे गए भारतीयों के बारे में 'एक्स' के जरिए एक शब्द नहीं कहा।

एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- परिपक्वता तब आती है जब आपको एहसास होता है कि भारत का असली मित्र ईरान है, जो अमरीका के खिलाफ हमारी ओर से बोल रहा है। जबकि संघियों की कथित 'पितृभूमि' इजरायल, अमेरिकी नौसेना के हमले पर अब तक चुप है।

एक यूजर ने पोस्ट करते हुए नरेंद्र मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया। इसमें मोदी ने यूपीए सरकार के समय सोनिया गांधी से केरल के दो मछुआरों की हत्या को लेकर कड़े सवाल पूछे थे।

एक यूजर ने लिखा- मोदी और उनके समर्थक इजरायल और नेतन्याहू को अपना मित्र कहते हैं, लेकिन उन्होंने अमेरिकी नौसेना द्वारा हमारे भारतीय नाविकों की हत्या की निंदा नहीं की, जबकि ईरान ने की। यह दिखाता है कि हमारा असली दोस्त कौन है और नकली दोस्त कौन है।

एक अन्य यूजर ने लिखा- ईरान भारतीयों के लिए खड़ा है, लेकिन भारतीय सरकार के लिए नहीं।


Updated on:
12 Jun 2026 11:44 am
Published on:
12 Jun 2026 10:03 am
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