दिल्ली के जहांगीपुरी में हुई हिंसा मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब मुख्य आरोपी अंसार को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल ये बताया जा रहा है कि अंसार शोभायात्रा में मस्जिद के इमाम के फोन के बाद पहुंचा था। ऐसे में पुलिस इससे जुड़े अन्य तार जोड़ने में जुटी है।
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती पर हुई हिंसा के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। फिलहाल आरोपी अंसार पुलिस की गिरफ्त में है। अंसार के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद से ही उसको लेकर बड़े खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब जो मामला सामने आया है उसके मुताबिक, सी ब्लॉक की जामा मस्जिद के इमाम ने अंसार को फोन किया था, जिसके बाद ही वह शोभायात्रा में पहुंचा था। पुलिस को जांच में पता लगा है कि शनिवार को जिस दौरान शोभायात्रा निकल रही थी उस दौरान जहांगीरपुरी की सी ब्लॉक की जामा मस्जिद के ऊपर इमाम और अन्य लोग खड़े थे। उन्होंने ही अंसार को फोन करके बुलाया था।
शोभायात्रा के लोगों से करने लगा बहस
इमाम के फोन के बाद तुरंत अंसार इलाके में पहुंच गया। खास बात यह है कि अंसार अकेला नहीं आया बल्कि अपने साथ 4-5 साथियों को भी लेकर पहुंचा। अपने साथियों के साथ अंसार मस्जिद के बाहर पहुंचा और शोभायात्रा में चल रहे लोगों से बहस करने लगा।
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अंसार से जुड़े तार जोड़ रही पुलिस
अंसार को गिरफ्त में लेने के बाद से ही पुलिस लगातार उससे जुड़े तारों को जोड़ने में जुटी हुई है। जहांगीरपुरी हिंसा के मामले में पुलिस अंसार की कुंडली भी खंगाल रही है। पुलिस ने अंसार और उसके साथियों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पुलिस के पास मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक, अंसार का जन्म भले ही जहांगीरपुरी में ही हुआ था, लेकिन उसकी पारिवारिक जड़ें पश्चिम बंगाल से जुड़ी हैं।
अंसार पर पहले ही दर्ज हैं अन्य मामले
दरअसल जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अंसार को चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद उस पर आर्म्स एक्ट का मामला चल रहा है। यही नहीं उसके खिलाफ सट्टेबाजी के भी 5 मामले दर्ज हैं। वैसे पेशे से वो कबाड़ी का काम करता है।
बैंक डिटेल भी खंगाल रही पुलिस
जहांगीरपुरी हिंसा केस में क्राइम ब्रांच ने अंसार और उसके साथियों की बैंक डीटेल जुटानी भी शुरू कर दी है, ताकि इन सभी के बैंक खातों को खंगाला जा सके कि कहीं ये हिंसा किसी सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।
अब तक जिस तरह से अंसार के परिजन या अन्य आरोपियों के परिजन ये दावा कर रहे हैं कि वे लोग छोटा-मोटा काम धंधा करते हैं और उसी से अपना जीवन यापन चलाते हैं, तो ये सारे दावे भी बैंक डिटेल से पुष्टि कर लिए जाएंगे।
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