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‘मैगी’ के भरोसे जैश आतंकी! मिनी किले में कर रहे थे लंबी तैयारी, हजारों फीट ऊंचाई पर ग्रेनेड से हमला

Kishtwar Terrorist Bunker: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम और बर्फीले पहाड़ों में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां 12,000 फीट की ऊंचाई पर जैश-ए-मोहम्मद का ऐसा आतंकी ठिकाना मिला है, जिसे देखकर सुरक्षाबल भी हैरान रह गए। यह किसी आम छिपने की जगह जैसा नहीं, बल्कि पत्थरों से बना एक ‘मिनी […]
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Jan 20, 2026
Kishtwar Terrorist Bunker
किश्तवाड़ के घने जंगलों में 12,000 फीट पर मिला जैश-ए-मोहम्मद का गुप्त बंकर। (Photo-X)

Kishtwar Terrorist Bunker: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दुर्गम और बर्फीले पहाड़ों में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां 12,000 फीट की ऊंचाई पर जैश-ए-मोहम्मद का ऐसा आतंकी ठिकाना मिला है, जिसे देखकर सुरक्षाबल भी हैरान रह गए। यह किसी आम छिपने की जगह जैसा नहीं, बल्कि पत्थरों से बना एक 'मिनी किले' जैसा बंकर था। इसमें आतंकी महीनों तक बिना बाहर निकले रह सकते थे। इस खुलासे ने आतंकियों की लंबी साजिश और स्थानीय मदद की पोल खोल दी है।

12,000 फीट ऊंचाई पर ‘कारगिल-स्टाइल’ बंकर

सुरक्षा बलों को यह आतंकी ठिकाना किश्तवाड़ के सिंहपोरा इलाके के घने जंगलों में मिला। ढलान पर पत्थरों की आड़ में बना यह बंकर ऊपर से देखने पर बिल्कुल नजर नहीं आता था। घना जंगल होने की वजह से ड्रोन से भी इसकी पहचान करना मुश्किल था। बंकर की दीवारें बड़े पत्थरों से बनी थीं और इसमें कई छिपे हुए रास्ते थे। अधिकारियों के मुताबिक, यह बंकर इतना मजबूत था कि इसे कारगिल युद्ध के समय बने सैन्य मोर्चों जैसा बताया जा रहा है।

मैगी, बासमती चावल और गैस सिलेंडर

बंकर के अंदर से जो सामान मिला, उसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। यहां 50 मैगी पैकेट, करीब 20 किलो उच्च गुणवत्ता वाला बासमती चावल, आटा, घी, मसाले, सूखी लकड़ी, गैस सिलेंडर, बर्तन और दवाइयां मिलीं। यहां तक कि ताजा सब्जियां भी मौजूद थीं। इससे साफ नजर आता है कि आतंकी लंबे समय तक यहां रहने की योजना बनाकर बैठे थे। साथ ही, कुछ राशन की बोरियों पर 'फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया' और पंजाब सरकार की मुहर भी मिली, जिससे सरकारी सप्लाई (राशन) के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं।

मुठभेड़ में एक जवान शहीद

रविवार को जब सुरक्षाबलों ने बंकर को घेरा, तो आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके। इस हमले में सात जवान घायल हो गए, जबकि हवलदार गजेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर जैश के पाकिस्तानी कमांडर सैफुल्लाह और उसका साथी आदिल भाग निकले। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। जांच एजेंसियों को शक है कि बिना स्थानीय मदद के इतनी ऊंचाई पर राशन और सामान पहुंचाना संभव नहीं था। अब तक चार संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

Updated on:
20 Jan 2026 05:21 pm
Published on:
20 Jan 2026 05:21 pm
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