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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस, ‘फायरिंग नहीं हुई’ वाले बयान पर केसी वेणुगोपाल का बड़ा एक्शन

KC Venugopal Privilege Notice Jitendra Singh: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। वेणुगोपाल ने मंत्री पर सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान फायरिंग न होने की गलत जानकारी देकर लोकसभा को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
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Jul 31, 2026
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शुक्रवार को संसद परिसर में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल। (फोटो सोर्स - आईएएनएस)

Jitendra Singh Privilege Notice: कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। वेणुगोपाल का आरोप है कि मंत्री ने CJP प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी नहीं होने की गलत बात कहकर लोकसभा को गुमराह किया है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मांग की है कि इस मामले को जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए। यह विवाद 29 जुलाई को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) संशोधन विधेयक, 2026 पर हुई चर्चा के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है।

जितेंद्र सिंह के बयान पर क्यों उठा विवाद?

यह मामला 29 जुलाई का है। उस दिन लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने छात्र प्रदर्शन को लेकर यह बयान दिया था। विपक्ष की तरफ से छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित गोलीबारी का मुद्दा उठाया गया था। जवाब में जितेंद्र सिंह ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों पर कोई गोली नहीं चलाई गई। केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। जब गोलीबारी ही नहीं हुई तो गोली चलाने का आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता।

वेणुगोपाल ने क्या आरोप लगाया?

केसी वेणुगोपाल ने अपने विशेषाधिकार हनन नोटिस में आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री का बयान जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर गोली चली थी और इसमें घायल हुआ व्यक्ति अब भी इलाज करा रहा है। उनके मुताबिक, इससे जुड़े तथ्य सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सदन में यह कहना कि गोलीबारी नहीं हुई, संसद को गलत जानकारी देना है। उनका आरोप है कि मंत्री ने जानबूझकर गलत तथ्य रखकर लोकसभा को गुमराह किया।

लोकसभा अध्यक्ष से क्या मांग की गई?

वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से नियम 222 के तहत इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मंत्री के बयान की विस्तार से जांच होनी चाहिए और यदि संसद को गुमराह किया गया है तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

संसद को गुमराह करना विशेषाधिकार का उल्लंघन

अपने नोटिस में वेणुगोपाल ने कहा कि संसद में कोई भी मंत्री तथ्यों की पूरी पुष्टि करने के बाद ही बयान देता है। यदि सदन में जानबूझकर गलत जानकारी दी जाती है तो यह सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन और उसकी अवमानना माना जाता है। इसी आधार पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।

Updated on:
31 Jul 2026 04:00 pm
Published on:
31 Jul 2026 03:34 pm