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दिल्ली के ओबरॉय होटल में काम के दौरान उमर अब्दुल्ला और पायल की हुई थी पहली मुलाकात, अब हुए अलग

Omar Abdullah Divorce: उमर अब्दुल्ला और पायल की लव स्टोरी की दिल्ली के ओबेरॉय होटल से शुरू हुई थी। दरअसल, राजनीति में आने से पहले उमर ओबेरॉय होटल ग्रुप में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते थे।
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 31 Jul 2026, 4:21 PM IST

Supreme Court grants Omar Abdullah divorce

जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला (बाएं) और पायल (Photo-X @MeghUpdates)

Omar Abdullah Payal Divorce: जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रही पत्नी पायल अब्दुल्ला का 32 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब खत्म हो गया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तलाक और सभी लंबित विवादों के निपटारे पर समझौता हो गया है।

दिल्ली के ओबरॉय होटल में हुई थी मुलाकात

उमर अब्दुल्ला और पायल की लव स्टोरी की दिल्ली के ओबेरॉय होटल से शुरू हुई थी। दरअसल, राजनीति में आने से पहले उमर ओबेरॉय होटल ग्रुप में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में काम करते थे। 

पायल भी उसी होटल में काम करती थीं। होटल में काम के दौरान दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और फिर दोनों ने शादी कर ली। 

1 सितंबर 1994 को दोनों ने लव मैरिज कर ली। उमर मुस्लिम परिवार से और पायल सिख परिवार से थीं। उनके पिता मेजर जनरल राम नाथ थे। उमर राजनीति में सक्रिय होने के बाद भी पायल अक्सर उनके साथ सोशल इवेंट्स में नजर आती थीं। पायल व्यवसायिक महिला थीं और दिल्ली से जुड़े काम करती रहीं। 

क्या है पूरा मामला

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर और पायल की शादी को खत्म करने से इनकार कर दिया था। उमर अब्दुल्ला ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस दौरान अदालत की ओर से कई बार सुलह की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को एकसाथ बैठकर मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने को भी कहा था।

सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि दोनों पक्ष अब आपसी सहमति से अलग होने पर राजी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने अब स्वतंत्र जीवन अपनाने का फैसला किया है। समझौते की शर्तें 22 जुलाई को अदालत में दाखिल की जा चुकी हैं।

इस पर जस्टिस एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि अदालत समझौते के अनुरूप आदेश पारित करेगी और दोनों पक्षों के बीच लंबित सभी मामलों को भी वापस लिया जाएगा।

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