
John Brittas On Dharmendra Pradhan Resignation: नीट-यूजी 2026 परीक्षा विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर विपक्ष की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। माकपा (CPI-M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि केवल शिक्षा मंत्री बदल देने से परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। उन्होंने सरकार से पूरे परीक्षा तंत्र में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग की।
मीडिया से बातचीत में जॉन ब्रिटास ने कहा कि सरकार को केवल मंत्री बदलने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि दो साल पहले सरकार ने संसद में भरोसा दिलाया था कि परीक्षाओं में अनियमितताओं पर रोक लगाई जाएगी। इसी उद्देश्य से वर्ष 2024 में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम भी पारित किया गया, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आईं।
ब्रिटास ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े एक अधिकारी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा सचिव बनाए गए नरेश पाल गंगवार पहले 1.16 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी सब्सिडी को व्यावसायिक फसलों के नाम पर अपने परिवार तक पहुंचाने का मामला उनसे जुड़ा था। हालांकि इस आरोप के संबंध में सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीपीआई(एम) सांसद ने कहा कि 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार को आखिरकार यह एहसास हुआ कि शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वागत योग्य है, लेकिन केवल मंत्री बदलने से हालात नहीं सुधरेंगे। लोगों का भरोसा बहाल करने और परीक्षा प्रणाली में विश्वास कायम करने के लिए सरकार को कई और बड़े कदम उठाने होंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद रविवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया। उन्होंने सोशल मीडिया साइट 'X' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस जिम्मेदारी को विनम्रता और कर्तव्यबोध के साथ स्वीकार करते हैं। प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इससे पहले वह कोयला, खान और संसदीय कार्य मंत्री रह चुके हैं।