राष्ट्रीय

JPSC-JSSC Protest: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा- सरकार ने लगभग हर बात मान ली है; जानिए फिर किस बात पर फंसा है मामला?

Jharkhand Student Protest: JPSC-JSSC प्रोटेस्ट के बीच मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं और प्रशासन को बल प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि छात्रों की आखिर कौन सी ऐसी बात है, जिस पर सरकार फैसला नहीं ले पा रही है।
2 min read
Aug 10, 2026
Jharkhand Student Protest
प्रदर्शनकारी छात्र और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन (इमेज सोर्स: ANI)

Jharkhand Student Protest Update: झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी है। इस बीच झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लिया जा सकता है।

मंत्री ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं और प्रशासन को बल प्रयोग नहीं करने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

'चार दिन से लगातार चल रही है बातचीत'

सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच संवाद नहीं होने के आरोपों को खारिज करते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार बातचीत हो रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने छात्रों के साथ घंटों चर्चा की है।

मंत्री ने कहा-सरकार ने उन सभी मांगों को स्वीकार किया है, जिन्हें राज्य सरकार के स्तर पर पूरा करना संभव था। हालांकि, CGL परीक्षा को पूरी तरह कैंसल करने की छात्रों की मांग कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी होने के कारण जटिल है। एग्जाम को पूरी तरह से कैंसिल करना, कानूनी पैमानों से उलझी हुई है। जिस मुद्दे पर वे CGL एग्जाम कैंसिल करने पर अड़े हैं, उसमें कानूनी निर्देश शामिल हैं। स्टूडेंट्स को यह समझना चाहिए कि राज्य सरकार को संवैधानिक अधिकारों और तय गाइडलाइंस के दायरे में काम करना चाहिए। हमने लगभग हर बात मान ली है।

ED को जांच में शामिल होने का न्योता

दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार की जांच प्रक्रिया को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए सरकार ने जांच का दायरा खुला रखा है। राज्य सरकार न्यायिक निगरानी में जांच के लिए तैयार है। इसके अलावा फाइनेंशियल गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी जांच में शामिल होने का कहा गया है।

IIM, IIT और XLRI के विशेषज्ञों से सिस्टम सुधार की तैयारी

मंत्री ने आगे कहा कि सरकार भर्ती परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। छात्रों के साथ हुई बातचीत में भी प्रस्तावित सुधारों की जानकारी साझा की गई है। इसके लिए IIM, IIT, XLRI और ISM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल कर एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए जरूरी बदलाव करना है। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें भविष्य में परीक्षाओं को लेकर किसी तरह की अनियमितता या संदेह की स्थिति पैदा न हो।

Updated on:
10 Aug 2026 05:30 pm
Published on:
10 Aug 2026 05:30 pm
Also Read
View All
झारखंड विधानसभा गेट के बाहर दोबारा लाठीचार्ज, खदेड़े गए अभ्यर्थी; छात्रों ने कहा- लाठियां बरसाकर सीएम मना रहे जन्मदिन

राहुल गांधी का अमित शाह पर सीधा हमला, ‘छात्रों पर पैलेट गन किसके आदेश पर चली, इस्तीफा दें गृह मंत्री’

‘भीड़ में दब गए थे 3 जवान, उन्हें बचाने को चलानी पड़ी लाठियां’: रांची में लाठीचार्ज पर बोले SP पारस राणा

‘छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे तक’, खरगे ने रखीं 3 मांगें, बोले- प्रधानमंत्री मोदी देश की जनता से माफी मांगे

20 प्रवक्ताओं की लिस्ट में शहजाद पूनावाला 8वें नंबर पर, लेकिन बीजेपी में सबसे टॉप; किसी ने शेयर की लिस्ट तो दिया ये जवाब