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‘मेरा ब्लड शुगर और प्रेशर कम है, शरीर में पानी की बहुत कमी है,’ प्रदर्शन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मांगें माने जाने का भरोसा जताया

JPSC-JSSC आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि उनका ब्लड शुगर और BP कम है और शरीर में पानी की कमी है। दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही।
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Updated: 8 Aug 2026, 5:48 PM IST
Devendra Nath Mahto news
झारखंड विरोध-प्रदर्शन(फोटो-ANI)

Devendra Nath Mahto: झारखंड में JPSC और JSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी तबीयत को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम है और शरीर में पानी की काफी कमी हो गई है। इसके बावजूद उन्होंने मांगें पूरी होने की उम्मीद जताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। महतो ने कहा कि उन्हें बोलने में काफी दिक्कत हो रही है। डॉक्टर ने बताया है कि उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कम है और पूरा शरीर डिहाइड्रेटेड है। उन्होंने यह भी कहा कि शरीर के अंग इस स्थिति का सामना नहीं कर पा रहे हैं।

'सरकार ने कहा- छात्रों की मांगें जायज हैं'

सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह खुद बैठक में शामिल होने नहीं गए थे। उनके मुताबिक, छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार के अधिकारियों से मिला और अपनी मांगों की सूची सौंपी। महतो ने बताया कि सरकार की ओर से छात्रों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगें जायज हैं और सरकार इस मामले पर विचार कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की मांगों को स्वीकार करेगी।

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुधार की मांग कर रहे हैं।

दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा

शनिवार को आंदोलन के 15वें दिन राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई। रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में हुई बैठक करीब पौने दो घंटे चली। बैठक में सरकार की ओर से चार मंत्री शामिल हुए, जबकि छात्रों की ओर से आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। सरकार ने छात्रों की मांगों पर बातचीत की और आंदोलन स्थगित करने की अपील की, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तत्काल किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।

इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत को सकारात्मक बताया गया था, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहते रहे हैं।

विवादित परीक्षाएं रद्द करने की मांग पर अड़े छात्र

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक विवादित परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। छात्रों ने अपनी मुख्य मांग में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया है। आंदोलनकारी छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत कई मांगें उठा रहे हैं।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम भी दोहराया है। आंदोलनकारियों ने इससे पहले भी विधानसभा घेराव और मार्च की घोषणा की थी। छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। वे परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई और अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।

पहले भी आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं देवेंद्र नाथ महतो

देवेंद्र नाथ महतो JPSC-JSSC परीक्षाओं से जुड़े छात्र आंदोलनों में पहले भी प्रमुख भूमिका निभा चुके हैं। दिसंबर 2024 में JSSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस समय छात्र भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रहे थे। वर्तमान आंदोलन में भी महतो छात्रों की मांगों को लेकर लगातार सक्रिय हैं।

Updated on:
8 Aug 2026, 5:48 PM IST
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