Karnataka CM News: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है।
Karnataka CM Siddaramaiah: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धारमैया लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल के प्राइवेट सेक्रेटरी को सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया थी। इस दौरान उन्होंने अपने कैबिनेट सहयोगियों को धन्यवाद दिया। तीन साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। सीएम सिद्धारमैया ने इसी मीटिंग में इस्तीफा देने का ऐलान किया था।
कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर ने कहा कि मुझे सिद्धारमैया (CM के तौर पर) का इस्तीफा मिल गया है, लेकिन राज्यपाल के लौटने के बाद ही वे इसे स्वीकार कर सकते हैं। राज्यपाल थावरचंद गहलोत आज पहले ही मध्य प्रदेश के नागदा स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गए थे।
इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार और मंत्री जी परमेश्वर भी वहां मौजूद हैं। सिद्धारमैयाने कहा कि मैंने अपना इस्तीफ़ा राज्यपाल के कार्यालय में जमा कर दिया है। राज्यपाल यहां नहीं हैं, वे आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने इस्तीफा उनके कार्यालय में जमा कर दिया।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हाई कमान के इस्तीफा देने के लिए कहने के बाद, मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके लिए राज्य हित सबसे ऊपर है। वे आगे भी कर्नाटक के हितों के लिए काम करते रहैं। मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है। हमारे पास पूर्ण बहुमत है। इसलिए, यह संवैधानिक है कि मुख्यमंत्री को (सरकार बनाने की) अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनेगी। हमारी पार्टी के पास 136 विधायक हैं और 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हमें प्राप्त है। इस प्रकार से हमारे पास पूर्ण बहुमत है। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का तहे दिल से आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जिन्होंने मुझे यह अवसर प्रदान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा है कि सिद्धारमैया साढ़े सात, करीब आठ साल पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सरकार के पहले दिन से ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में कार्यकाल साझा करने की तारीख तय थी। डीके शिवकुमार शुरू से ही यह स्पष्ट कर रहे थे कि सरकार के कार्यकाल का आधा हिस्सा पूरा होने के बाद वह मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।