राष्ट्रीय

कर्नाटक में हिजाब प्रतिबंध खत्म: सरकार ने वापस लिया 2022 का आदेश, स्कूल-कॉलेजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी

Karnataka Hijab Ban Withdrawal 2026: कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने 2022 का हिजाब प्रतिबंध आदेश वापस ले लिया है। नई गाइडलाइंस के तहत स्कूल-कॉलेजों में यूनिफॉर्म के साथ हेडस्कार्फ, पगड़ी, जनेऊ समेत सीमित धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है।

2 min read
May 13, 2026
Karnataka Hijab Ban Withdrawn (AI Image)

Karnataka Hijab Ban Withdrawn: कर्नाटक में हिजाब विवाद को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक फैसला सामने आया है। राज्य की सिद्धारमैया सरकार ने फरवरी 2022 में जारी उस आदेश को वापस ले लिया है, जिसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक लगाई गई थी। कांग्रेस सरकार ने अब नई गाइडलाइंस जारी करते हुए छात्रों को यूनिफॉर्म के साथ सीमित पारंपरिक और आस्था आधारित प्रतीक पहनने की अनुमति दे दी है। सरकार का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नई गाइडलाइंस ऐसे समय जारी की गई हैं जब हाल ही में एक छात्र का जनेऊ काटे जाने के कथित मामले ने राज्य में विवाद खड़ा कर दिया था। इसके बाद सरकार ने यूनिफॉर्म और धार्मिक प्रतीकों को लेकर नए नियम स्पष्ट किए हैं।

ये भी पढ़ें

Milk Price Hike 2026: अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाई कीमतें, जानें कल से अब दूध के लिए कितने देने होंगे पैसे?

क्या कहा गया नए आदेश में?

कर्नाटक सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि छात्र निर्धारित यूनिफॉर्म के साथ सीमित पारंपरिक और धार्मिक प्रतीक पहन सकेंगे। हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि ऐसे प्रतीक यूनिफॉर्म के मूल स्वरूप और उद्देश्य को प्रभावित नहीं करने चाहिए।

सरकार ने उदाहरण देते हुए कहा कि पगड़ी, जनेऊ, रुद्राक्ष, शिव माला, हेडस्कार्फ और इसी तरह के अन्य पारंपरिक प्रतीकों को अनुमति दी जा सकती है। लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि इनसे अनुशासन, सुरक्षा और छात्रों की पहचान प्रक्रिया प्रभावित न हो।

आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी छात्र को केवल इस आधार पर स्कूल, कॉलेज, परीक्षा कक्ष या किसी शैक्षणिक गतिविधि में प्रवेश से नहीं रोका जाएगा कि उसने यूनिफॉर्म के साथ पारंपरिक या धार्मिक प्रतीक पहना है।

किसी छात्र पर दबाव नहीं डाला जाएगा

सरकार ने अपने आदेश में साफ किया है कि किसी भी छात्र को धार्मिक या पारंपरिक प्रतीक पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। इसी तरह, सरकार द्वारा अनुमति दिए गए प्रतीकों को हटाने के लिए भी किसी छात्र पर दबाव नहीं बनाया जा सकता।

हालांकि परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तर के ड्रेस कोड नियम लागू रहेंगे और संबंधित अधिकारी परिस्थितियों के अनुसार फैसला ले सकेंगे।

2022 में BJP सरकार ने लगाया था प्रतिबंध

दरअसल, फरवरी 2022 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। उस समय यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और कानूनी विवाद बन गया था। कई छात्राओं ने इस फैसले का विरोध किया था और मामला अदालत तक पहुंचा था।

अब कांग्रेस सरकार ने उसी आदेश को वापस लेते हुए कहा है कि शिक्षा संस्थानों में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी छात्रों को समान अवसर मिलना चाहिए।

संविधानिक मूल्यों का हवाला

सरकार ने अपने आदेश में कहा कि नई व्यवस्था समानता, गरिमा, भाईचारे, धर्मनिरपेक्षता और शिक्षा के अधिकार जैसे संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप लागू की जाएगी। स्कूल डेवलपमेंट एंड मॉनिटरिंग कमेटी (SDMC), कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी (CDC) और अन्य संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी छात्र के साथ भेदभावपूर्ण या अपमानजनक व्यवहार न किया जाए।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नए आदेश के खिलाफ जाने वाले किसी भी संस्थान के नियम, सर्कुलर या निर्देश अमान्य माने जाएंगे।

ये भी पढ़ें

प्री-मानसून लेगा करवट: अगले 48 घंटे जमकर बरसेंगे बादल, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
Published on:
13 May 2026 11:33 pm
Also Read
View All