
Congress Kerala CM Race: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस को 63 सीटों पर जीत मिली है। इसके बाद प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर तैयार तेज हो गई है। हालांकि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर अभी तक कांग्रेस की तरफ से जानकारी सामने नहीं आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम की रेस में पार्टी महासचिव और राहुल गांधी के करीबी केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे चल रहा है। कांग्रेस के 63 निर्वाचित विधायकों में से 47 ने केसी वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। दरअसल, गुरुवार को केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने विधायकों के साथ वन-टू-वन बैठक की। इसमें अधिकतर ने केसी वेणुगोपाल को सीएम बनाने की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ समेत संदीप जी वारियर, साजीव जोसेफ, टी ओ मोहन और उषा विजयन जैसे नेताओं ने भी वेणुगोपाल के पक्ष में राय रखी। वहीं मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रमेश चेन्निथला को बड़ा झटका तब लगा जब उनके करीबी माने जाने वाले आई सी बालकृष्णन ने भी वेणुगोपाल और चेन्निथला दोनों के नाम का समर्थन किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबाकि चेन्निथला को 8 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि विपक्ष के नेतावी डी सतीशन के पक्ष में 6 विधायक खड़े नजर आए। सतीशन और चेन्निथला दोनों ने केंद्रीय पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश की, लेकिन वेणुगोपाल इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नया मुख्यमंत्री चुनने के लिए अधिकृत किया गया। माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान शनिवार या रविवार तक CM के नाम का ऐलान कर सकता है। इसके बाद नए मुख्यमंत्री के साथ दो वरिष्ठ कांग्रेस नेता और UDF सहयोगी दलों के नेता शपथ ले सकते हैं।
इस बीच UDF के सहयोगी दलों ने भी मुख्यमंत्री चयन को लेकर अपनी-अपनी राय रखी है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने सतीशन का समर्थन किया है। लीग नेता पी के कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि पार्टी ने अपनी राय केंद्रीय पर्यवेक्षकों के सामने रख दी है। हालांकि उनके बयान से कांग्रेस और लीग के भीतर असहजता भी देखी गई।
वहीं, केरल कांग्रेस ने भी संकेत दिए कि जनता की राय को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, हाईकमान पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह के सार्वजनिक विरोध से बचना चाहता है।
सूत्रों का कहना है कि चूंकि वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में हैं, इसलिए अंतिम फैसला राहुल गांधी की राय के बाद लिया जाएगा। दिल्ली में पार्टी नेतृत्व जरूरत पड़ने पर सतीशन, चेन्निथला और अन्य नेताओं से अलग से बातचीत भी कर सकता है।