
लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में लगी आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई है।
जान गंवाने वालों में 30 साल की अनामिका सामंता भी हैं, जो मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली हैं। वह तीन साल लखनऊ में काम करती थीं।
सोमवार दोपहर कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने के बाद अनामिका की जान चली गई। इस घटना के बाद से कोलकाता में अनामिका की मां सुलेखा सामंता का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोलकाता में मृतका की मां ने बताया कि अनामिका से वो आखिरी बातचीत अभी भी उनके कानों में गूंज रही है। उन्होंने यह बताया कि बेटी अनामिका ने हंसते-हंसते कहा था- मां, आज काम ज्यादा है, शाम को बात करेंगे। लेकिन शाम होते-होते सब कुछ खत्म हो गया।
सुलेखा सामंता ने रोते हुए आगे कहा- हर रोज अनामिका से सुबह बात होती थी। सोमवार को भी हुई। वो ठीक-ठाक थी, हंस रही थी। मुझे क्या पता था कि ये आखिरी आवाज होगी।
कोलकाता में अनामिका का परिवार अभी भी सदमे में है। अनामिका परिवार की इकलौती बेटी नहीं थीं, लेकिन मां-बाप की सबसे बड़ी सहारा थीं। अनामिका समांता कोलकाता से करीब तीन साल पहले लखनऊ शिफ्ट हुई थीं।
यहां उन्होंने अच्छी नौकरी पकड़ी और मेहनत से काम कर रही थीं। परिवार वालों का कहना है कि वो बहुत जिम्मेदार थीं। हर महीने घर पैसे भेजतीं, छोटी-छोटी बातों में मां से पूछतीं कि घर में सब ठीक है या नहीं।
सोमवार को आग लगने के समय वो उसी कमर्शियल स्पेस में थीं जहां उनका काम था। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बाहर नहीं निकल पाए।
विभाग की टीम ने जब लाशों को बाहर निकाला तो परिवार को खबर मिली। परिवार को कोलकाता से लखनऊ पहुंचने में भी कई घंटे लग गए।
परिवार अब लखनऊ में पोस्टमॉर्टम और कानूनी प्रक्रिया पूरी करके बेटी का अंतिम संस्कार करने वाला है। कोलकाता में शोक की लहर है। पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार घर पहुंच रहे हैं।