जांच एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तान में मौजूद खालिस्तानी संगठन के लोगों ने इस विस्फोट को अंजाम दिया है। संकेत यह भी दिए जा रहे हैं कि इसमें बब्बर खालसा का हाथ हो सकता है। यह घटना संभवत: टिफिन बम या फिर फिदायिन के जरिए अंजाम दी गई है और इसमें बतौर विस्फोटक आईईडी का इस्तेमाल किया गया है।
लुधियाना की कोर्ट में गुरुवार को हुए बम विस्फोट के बाद एजेंसियों ने शुरुआती जांच के बाद शुक्रवार को चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि लुधियाना की कोर्ट में गुरुवार को जो विस्फोट हुआ वह बम प्लांट करते समय हुआ। यही नहीं, इस धमाके के लिंक फिदायिन हमले, टिफिन बम ब्लास्ट और खालिस्तानी आतंकियों से जुड़े हो सकते हैं। घटना संभवत: टिफिन बम या फिर फिदायिन के जरिए अंजाम दी गई है और इसमें बतौर विस्फोटक आईईडी का इस्तेमाल किया गया है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पंजाब की पुलिस के अलावा केंद्रीय जांच एजेंसियां भी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में यह बता चुकी है कि कोर्ट में विस्फोट की घटना बम को प्लांट करते समय ही हुई है। एजेंसियों का यह भी मानना है कि इस घटना बम प्लांट करने वाला भी मारा गया है। एजेंसियों को इस संबंध में कुछ सुराग भी हाथ लगे हैं।
हालांकि, इस बारे में अभी तक कुछ और लोगों ने अलग-अलग दावे भी किए हैं। मसलन, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस घटना में शुरुआती तौर पर ड्रग माफियाओं का हाथ होने का संकेत दिए हैं। वहीं, जांच एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तान के खालिस्तानी ग्रुप ने इस घटना को अंजाम दिया है, जबकि कुछ का यह भी दावा है कि हमले में आतंकी संगठन बब्बर खालसा का भी हाथ हो सकता है।
संदिग्ध व्यक्ति का शरीर हुआ चिथड़ा
पंजाब पुलिस अधिकारियों और जांच कर्ताओं का दावा है कि जिसने कोर्ट में बम प्लांट किया, वह भी इस घटना में मारा गया। मौकेे से एक शख्स के चिथड़े मिले हैं और जांच कर्ताओं का कहना है यही शख्स बम प्लांट करने की कोशिश कर रहा था, तभी धमाका हो गया। इस शख्स का मुंह इस ब्लास्ट में उड़ गया है। यही नहीं, उसके शरीर के सिर्फ दो हिस्से ही बचे हैं और दावा किया गया है कि शरीर पर सिख धर्म का धार्मिक प्रतीक खंडे वाला टैटू भी बना है।
क्या है जांच की अहम कड़ी
एजेंसियां इस शख्स के चिथड़े को भी जांच की अहम कड़ी मान रही हैं और इसकी मदद से इस मामले में आगे कदम बढ़ा रही हैं। जांच एजेंसियों ने शुरुआती तौर पर आसपास के इलाकों में रहने वालों को इसके शव के शिनाख्त के लिए बुलाया, मगर अभी तक उन्हें कामयाबी नहीं मिली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए और नेशनल सिक्युरिटी गार्ड यानी एनएसजी ने गुरुवार देर रात उसके चिथड़े बचे शरीर को सुरक्षित रखवा दिया है।