
Sudip Bandyopadhyay: पीएम नरेंद्र मोदी G7 की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस गए हुए हैं। उनके भारत वापस आने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। आने वाले फेरबदल में NCPI के दो सांसदों को भी मंत्री बनाया जा सकता है। तृणमूल के बागी सुदीप बंदोपाध्याय और शर्मिला सरकार का नाम मंत्री पद की रेस में आगे चल रहा है।
सुदीप बंदोपाध्याय एक समय में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के बेहद करीबी हुआ करते थे। सुदीप ने 1970 के दशक में कांग्रेस से राजनीति शुरू की। 1970-71 में छात्र परिषद के सचिव बने और बाद में पश्चिम बंगाल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष रहे।1987 में बाउबाजार विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए। उन्होंने 1987, 1991 और 1996 में इस सीट पर जीत दर्ज की। फिर 1998 में ममता बनर्जी के साथ TMC में शामिल होकर कलकत्ता नॉर्थ वेस्ट से लोकसभा पहुंचे। 1999 में भी जीते और TMC के चीफ व्हिप बने।
हालांकि, थोड़े समय के लिए वह फिर कांग्रेस में चले गए, लेकिन फिर 2008 में टीएमसी में वापसी की। 2009 में नई कोलकाता उत्तर सीट से लोकसभा सांसद बने और लगातार 2014, 2019 तथा 2024 में जीत हासिल की। साल 2011 में वह यूपीए 2 की सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री बने। अब एकबार फिर वह केंद्र सरकार में मंत्री पद का जिम्मा संभाल सकते हैं।
वहीं, बर्दवान पूर्व की बागी सांसद शर्मिला सरकार को भी जूनियर मिनिस्टर का पद मिलने की अटकलें हैं, हालांकि उन्होंने खुद इससे इनकार किया है। शर्मिला सरकार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये सभी अटकलबाजी है। अभी तक मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।
TMC के बागी सांसदों के NCPI में के साथ ही पार्टी एनडीए गठबंधन में बीजेपी के बाद दूसरा सबसे बड़ा गुट बनाएगी। अब तक NDA में बीजेपी के बाद सबसे बड़ी पार्टी TDP (16) और नीतीश की जदयू (12) है। दोनों पार्टियों के पास एक-एक कैबिनेट मिनिस्टर और एक-एक जूनियर मिनिस्टर हैं। जानकारी यह भी आई है कि संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर सोमवार शाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर BJP के सीनियर नेताओं (जिनमें गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल थे) और RSS के सीनियर पदाधिकारियों की बैठक हुई थी।