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Congress Invitation to Mamata Banerjee: TMC का कुनबा बिखरा तो ममता बनर्जी को पुराने घर कांग्रेस से बुलावा

TMC में बगावत को देखते हुए Mamata Banerjee को पुराने घर यानी कांग्रेस से बुलावा आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के ऑफर पर विचार करने के लिए ममता बनर्जी ने कुछ समय मांगा है।

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Jun 11, 2026
Mamata Banerjee amid TMC crisis and Congress return speculation.
कांग्रेस और TMC के विलय की अटकलें तेज। (Photo- IANS)

Congress TMC Merger: पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद दिग्गज नेता ममता बनर्जी की टीएमसी के दरकने का सिलसिला जारी है। बुधवार को टीएमसी की एक और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और सांसदी से इस्तीफा दे दिया। इस बीच ममता का राजनीतिक कुनबा बिखरते देख उन्हें अपने पुराने घर यानी कांग्रेस से बुलावा आया है। जानकार सूत्रों के अनुसार मंगलवार को ममता बनर्जी की कांग्रेस की 'सुप्रीम लीडर' सोनिया गांधी से उनके निवास 10,जनपथ पर मुलाकात में यह ऑफर दिए जाने की खबर है। बताया जाता है कि 1998 में कांग्रेस से अलग हुई ममता को वापसी पर पार्टी का उपाध्यक्ष बनाने की पेशकश भी की गई। साथ ही उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को भी संगठन में सम्मानजनक पद देने पर बात हुई बताई।

सोनिया-ममता मुलाकात के बाद बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, टीएमसी के महासचिव और ममता के भतीजे अभिषेक की भी 10, जनपथ पर करीब डेढ़ घंटे मुलाकात हुई। इस मुलाकात को भी मंगलवार को सोनिया गांधी की ओर से दिए गए ऑफर पर आगे चर्चा विस्तार के तौर पर ही देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस ने अधिकृत तौर पर इस संबंध में कोई भी बयान या टिप्पणी नहीं की है लेकिन पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि राजनीति संभावनाओं की कला है। टीएमसी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने भी फिलहाल पार्टी के कांग्रेस में विलय की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि राहुल-अभिषेक ने विपक्ष की एकजुटता व भाजपा की स्तरहीन राजनीति से मुकाबले की रणनीति पर चर्चा की।

शर्तों के खेल पर टिका फैसला…टीएमसी ने मांगा समय

सूत्रों ने बताया कि ममता की कांग्रेस में वापसी का सारा मामला शर्तों के खेल पर टिका है। कांग्रेस ने ममता को पार्टी उपाध्यक्ष और अभिषेक को महासचिव पद का ऑफर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि विलय का औपचारिक प्रस्ताव टीएमसी की ओर से आना चाहिए वहीं राहुल के नेतृत्व में निष्ठा जतानी होगी। उधर, ममता पूरी तरह से पश्चिम बंगाल की कमान भी चाहती है। सूत्रों के मुताबिक ममता को राज्यसभा में नेता-प्रतिपक्ष बनाने की भी मांग की गई लेकिन कांग्रेस इस पर सहमत नहीं है। कांग्रेस के ऑफर को लेकर फिलहाल ममता ने विचार के लिए कुछ समय लिया है। एक-दो दिन में आगे की रणनीति का खुलासा हो सकता है।

सुष्मिता ने छोड़ा साथ, जा सकती हैं भाजपा में

टीएमसी के राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय के बाद बुधवार को एक और टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। राज्यसभा सभापति ने उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया है। देव ने निजी व राजनीतिक कारणों से इस्तीफा देने की बात कही। इस्तीफे के बाद सुष्मिता ने असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा से मुलाकात की। असम के दिग्गज कांग्रेसी नेता दिवंगत संतोष मोहन देव की बेटी सुष्मिता ने कहा कि वह असम के विकास और सरमा के नेतृत्व में काम करने को तैयार हैं। सुष्मिता भाजपा में जा सकती हैं और पार्टी उन्हें फिर से राज्यसभा में भेज सकती है। सुष्मिता के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 11 रह गई है।

19 बागी सांसदों में सयानी, पठान व शत्रुघ्न सिन्हा के भी नाम

इस बीच टीएमसी के लोकसभा के 19 बागी सांसदों के नाम सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार बागी सांसदों की नेता काकोली घोष दस्तीदार की ओर से कथित तौर पर स्पीकर को भेजे गए पत्र में 20 नहीं 19 नाम हैं। इनमें ममता बनर्जी के निकट माने जाने वाली सांसद और 'ह्रदय में काबा, नयने मदीना' गाने से चर्चित सांसद सयानी घोष, पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के नाम थी बताए जाते हैं। हालांकि तीनों सांसदों की ओर से कोई बयान नहीं आया है। काकोली ने दोहराया कि पार्टी का अलग गुट बनाने के लिए स्पीकर को पत्र लिखा गया है लेकिन लोकसभा सचिवालय से इसकी पुष्टि नहीं हुई। काकोली ने कहा कि उनके गुट का भाजपा में विलय नहीं होगा बल्कि एनडीए को समर्थन रहेगा। दलबदल कानून में कार्रवाई से बचने के लिए अलग गुट के लिए 19 सांसद होना जरूरी हैं।

राहुल का नेतृत्व स्वीकार, तो स्वागत है

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा, राजनीति संभावनाओं की कला है। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि ये संभावनाएं किस दिशा में जाती हैं। जो भी राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करेगा और भाजपा से लड़ने का साहस दिखाएगा, उसका स्वागत किया जाएगा। लेकिन जो भ्रष्ट हैं, उन्हें कांग्रेस में जगह नहीं मिलेगी। उन्हें अलग से कपड़े धोने की मशीन चाहिए।

Published on:
11 Jun 2026 01:22 am
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