
Abhishek Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद सियासी तूफान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। शनिवार को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हो गया। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद अभिषेक बनर्जी की स्थिति को देखने के लिए ममत बनर्जी अस्पताल गई। अस्पताल के बाहर पूर्व सीएम ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से फोन पर क्या बात हुई थी।
पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के इलाज में किसी भी तरह की मदद की ज़रूरत हो तो तुरंत बताइए। यदि बेहतर इलाज की आवश्यकता हो, तो मैं उन्हें हैदराबाद शिफ्ट कराने की व्यवस्था भी कर सकता हूँ।
इस दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष के कई और नेताओं ने भी उन्हें फोन कर अभिषेक बनर्जी के बारे में बात की।
इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाया। पूर्व सीएम बनर्जी ने दावा किया कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद सत्ताधारी भाजपा अस्पतालों पर दबाव बना रही है ताकि उन्हें इलाज न मिल सके।
अभिषेक बनर्जी से अस्पताल में मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग नहीं चाहते कि अभिषेक का इलाज हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन को पुलिस की ओर से धमकी भरे फोन आ रहे हैं।
ममता ने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, वे सभी अस्पतालों और प्रशासनिक अधिकारियों को धमका रहे हैं कि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए। जब मैं अस्पताल प्रशासन के साथ बैठी थी, तब उन्होंने बताया कि उन्हें पुलिस से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। डॉक्टर भी दुखी हैं, लेकिन उन पर दबाव बनाया जा रहा है।
बता दें कि अभिषेक बनर्जी दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान उन पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए। TMC का आरोप है कि मृतक संजू कर्मकार की हत्या बीजेपी समर्थित असामाजिक तत्वों ने की थी।
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर चूक का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे मुझे मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हम इस मामले को हाईकोर्ट और राज्यपाल के सामने उठाएंगे। मैं न्याय के लिए अदालत जाऊंगा।
अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि उनके सुरक्षा कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी मदद नहीं पहुंची, तो साफ है कि उच्च अधिकारी इस घटना को जारी रहने देना चाहते थे।