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Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मीनाक्षी नटराजन का मामला, जज बोले- कल के लिए रखिए

Madhya Pradesh Congress candidate Meenakshi Natarajan: गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए।
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Jun 11, 2026
Rajya Sabha elections
मीनाक्षी नटराजन मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई (Photo-IANS)

Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्य सभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने का गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचा। कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। उन्होंने कल सुनवाई करने और तब तक नतीजा घोषित नहीं करने की मांग की। चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। इस पर जज ने कहा- कल सुनवाई करते हैं। 

सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सभी उम्मीदवार एक ही पार्टी के हैं। कृपया इस मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें। तब तक चुनाव परिणाम घोषित न किए जाएं।

इस पर जस्टिस पीके मिश्रा ने पूछा कि क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है? चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने कहा- हमें अभी तक इस मामले की कोई प्रति (नोटिस/दस्तावेज) नहीं दी गई है।

इसके बाद जस्टिस मिश्रा ने कहा कि याचिका में जो तकनीकी कमियां हैं, उन्हें दूर करने की शर्त पर मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

सिंघवी ने दलील दी कि रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर खारिज कर दिया कि उन्होंने एक आपराधिक मामले की जानकारी छिपाई है। हालांकि, संबंधित मामले में अभी तक किसी अदालत ने संज्ञान नहीं लिया है और केवल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 के तहत पूर्व-संज्ञान समन जारी किया गया है।

कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा

नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस नेताओं की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा- BJP डरा-धमकाकर हर जगह गलत काम कर रही है। वे डेमोक्रेसी और इलेक्शन को कमजोर कर रहे हैं। यह उसी का नतीजा है। हम यह केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे।

कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि एक तरफ, मीनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन पंद्रह मिनट के अंदर एक छोटी सी गलती की वजह से कैंसिल कर दिया गया, जैसा कि उन्होंने दावा किया। दूसरी तरफ, झारखंड में नाथवानी को ही देख लीजिए, जो एक बड़े कॉर्पोरेट आदमी और BJP-स्पॉन्सर्ड कैंडिडेट हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि उनके मामले में 55 गलतियां बताई गईं, फिर भी उन्हें ठीक करने के लिए 24 घंटे दिए गए, स्क्रूटनी के बाद एक नया एफिडेविट स्वीकार किया गया, और आखिरकार उनका नॉमिनेशन मंजूर कर लिया गया। इससे यह साफ हो जाता है कि इलेक्शन कमीशन के साथ कॉम्प्रोमाइज किया गया है।

Updated on:
11 Jun 2026 01:16 pm
Published on:
11 Jun 2026 12:14 pm
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