
Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: जयराम रमेश, बोले वेणुगोपाल (फोटो सोर्स- एएनआई)
Rajya Sabha Election 2026, Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के गेट पर ही रोक दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला बताया है। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि "लोकतंत्र की हत्या हुई है।"
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी। बीजेपी का आरोप था कि नटराजन ने अपने नामांकन पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में दर्ज मामले की जानकारी नहीं दी।
बीजेपी की शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब मिलने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त करने का फैसला सुनाया।
इससे पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने कथित मामले से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए थे और नामांकन रद्द करने की मांग की थी।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद बीजेपी ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले का स्वागत किया। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी पार्टी को न्यायपालिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन पत्र में आपराधिक मामले की जानकारी जानबूझकर छिपाई गई थी और गलत जानकारी दी गई थी। विजयवर्गीय ने कहा, "न्याय की जीत हुई है। बीजेपी का लोकतंत्र में पूरा विश्वास है और जनता ने हमारे कार्यकर्ता महेश केवट को आशीर्वाद दिया है।"
नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को निराधार बताया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें केवल अदालत से एक नोटिस मिला था, जिसे गलत तरीके से पेश कर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी उम्मीदवार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की। इसी सिलसिले में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे।
हालांकि, उन्हें आयोग के दफ्तर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और गेट पर ही रोक दिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग जाने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के साथ भेदभाव किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में सभी संवैधानिक और कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने अदालत का रुख करने का फैसला किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को कानूनी चुनौती देंगे।
राज्यसभा चुनाव से पहले सामने आए इस विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। अब इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग और अदालत के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
Updated on:
09 Jun 2026 09:01 pm
Published on:
09 Jun 2026 08:34 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
