
मीनाक्षी नटराजन का राज्य सभा नामांकन हुआ रद्द (Photo-IANS)
Meenakshi Natarajan Rajya Sabha Nomination Rejected: मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी विवाद गहरा गया है। पार्टी उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के बाद जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट समेत कई बड़े नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया। वहीं आज कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से इस मामले को लेकर मुलाकात करेगा।
मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। हालांकि, राज्य सभा का प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी के अंदर खूब चर्चा हुई थी। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना था कि ऐसे चेहरे को प्रत्याशी घोषित किया जा सकता था, जिसका प्रदेश में अधिक प्रत्यक्ष आधार हो।
भले ही प्रदेश के कांग्रेस नेतृत्व ने मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी घोषित करने पर एकजुटता दिखाई हो, लेकिन कई नेताओं ने इस पर सवाल भी उठाए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित करने पर सवाल उठाया और इसके बाद पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के समय ज्ञानचंदानी ने कहा था कि पार्टी नेतृत्व को उन्होंने अपनी चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए कहा था।
मीनाक्षी नटराजन छात्र संगठन NSUI की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं। उन्होंने 1999 से 2002 तक इस पद पर कार्य किया और इसके बाद अगले तीन वर्षों तक प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया।
दरअसल, वर्ष 2008 में, जब राहुल गांधी को 2007 में एआईसीसी (AICC) का महासचिव बनाए जाने के बाद युवा नेताओं की एक मुख्य टीम गठित करने की जिम्मेदारी मिली, तब उन्होंने नटराजन को अपनी कोर टीम में शामिल किया। यह राहुल गांधी की कांग्रेस राजनीति में पहली बड़ी भूमिका थी, जिसमें उन्हें युवा कांग्रेस और एनएसयूआई को पुनर्जीवित करने का कार्य सौंपा गया था।
इस टीम में कृष्णा अल्लावरु, सचिन राव और प्रवीण चक्रवर्ती भी शामिल थे, जो कि आज कांग्रेस में महत्वपूर्ण पदों पर हैं। प्रवीण चक्रवर्ती इस बार तमिलनाडु से निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने जाने वाले हैं।
नटराजन को 2008 में एआईसीसी सचिव नियुक्त किया गया था। अगले ही साल राहुल गांधी ने उन्हें मंदसौर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए चुना। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली।
मीनाक्षी नटराजन भले ही राहुल गांधी की करीबी हो, लेकिन प्रदेश में कई कांग्रेस नेता नापसंद भी करते हैं। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि जो लोग उनकी सफलता को पचा नहीं पाते, वे उनका मजाक उड़ाते हैं और कहते हैं कि वे किसी एनजीओ कार्यकर्ता की तरह काम करती हैं।
Published on:
10 Jun 2026 09:40 am
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