
Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: मध्य प्रदेश से कांग्रेस राज्य सभा सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद सियासी बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मुलाकात करेगा और अपना विरोध दर्ज कराएगा।
प्रतिनिधिमंडल में के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, दीपा दासमुंशी, विवेक तन्खा, मीनाक्षी नटराजन, मोहम्मद अली खान और उमर होदा शामिल हैं। सभी नेता दोपहर 12 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने वाले हैं।
बता दें कि मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्य सभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, उनके शपथपत्र (एफिडेविट) में कुछ अनियमितताएं पाई गई थीं।
नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद बीजेपी और कांग्रेस की तरफ से प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। बीजेपी ने इसे सत्य की जीत बताया था। तो वहीं कांग्रेस ने इसे सीट चोरी बताया है।
नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे राज्य सभा चुनाव को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले भी मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है।
नटराजन ने कहा कि यह सब तब शुरू हुआ जब सत्तारूढ़ बीजेपी ने आवश्यक संख्याबल न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतार दिया। इससे साफ हो गया कि वे संविधान और लोकतंत्र को कुचलने वाली राजनीति कर रहे हैं। जिस तरह उन्होंने पहले मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया था, उसी तरह अब राज्य सभा चुनाव को भी प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को पूरी मजबूती से लड़ेगी। हमारे कानूनी विशेषज्ञों ने जो आपत्तियां उठाईं, उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। इसके बावजूद जो हुआ, वह राजनीतिक दुर्भावना का परिणाम है। यह सवाल उठता है कि विधानसभा सचिव के रूप में कार्यरत चुनाव अधिकारी ने भाजपा के एजेंडे को राजनीतिक रूप क्यों दिया।